संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जम्मू-कश्मीर पर कोई बयान नहीं दिया: प्रवक्ता मोनिका ग्रेले
मारिया फर्नाडा एस्पिनोसा (Photo Credits: IANS)

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष (पीजीए) मारिया फर्नाडा एस्पिनोसा (María Fernanda Espinosa) ने पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी से मुलाकात की है, लेकिन उन्होंने कश्मीर पर कोई बयान नहीं दिया है. उनकी प्रवक्ता मोनिका ग्रेले ने यह जानकारी दी. मंगलवार को एस्पिनोसा के बयान के संबंध में एक पाकिस्तानी संवाददाता के एक सवाल के जवाब में ग्रेले ने कहा, "पीजीए ने आज कश्मीर (Kashir) पर कोई बयान नहीं दिया है. जो शायद आपने देखा है, वही हमने देखा कि उन्होंने कल पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि के साथ बैठक की."

यह बैठक अगले महीने होने वाली महासभा की उच्च स्तरीय बैठक में कश्मीर मुद्दा उठाने के पाकिस्तान के प्रयास के तहत की गई थी. पाकिस्तान सुरक्षा परिषद में सार्वजनिक बैठक कराने में असमर्थ रहा है जहां पाकिस्तान के प्रतिनिधि के पास अपना पक्ष रखने के लिए सार्वजनिक मंच होता. जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का सिर्फ चीन द्वारा विरोध करने पर परिषद ने सिर्फ बिना किसी रिकॉर्ड या बयान के क्लोज-डोर बैठक की थी.

यह भी पढ़ें : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा को करेंगे संबोधित

पीजीए से मुलाकात के बाद, लोधी ने ट्वीट किया कि उन्होंने मारिया को 'वहां की गंभीर स्थिति के बारे में विस्तार से बता दिया है और उन्हें लगातार कर्फ्यू तथा बढ़ाए गए प्रतिबंध से कश्मीरी लोगों को होने वाली परेशानी' के बारे में भी बता दिया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने अगले महीने होने वाली महासभा की उच्चस्तरीय बैठक में कश्मीर मुद्दा उठाने का निश्चय किया है.

उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में दुनिया को बताऊंगा. मैंने इस बारे में प्रमुख राष्ट्र प्रमुखों को इस बारे में बताया है और मैं उनके संपर्क में हूं. मैं यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में भी उठाऊंगा." वार्षिक उच्च स्तरीय बैठक से पहले एस्पिनोसा का कार्यकाल पूरा हो जाएगा और उनके स्थान पर नाइजीरिया के तिजानी मोहम्मद-बंदे आ जाएंगे.