Pakistan: यूएनएससी बैठक में रक्षा मंत्री के पीछे दिखीं 'कौन', जिन्हें लेकर छिड़ा सियासी संग्राम

नई दिल्ली, 27 सितंबर : 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में कुछ ऐसा हुआ जिसने पाकिस्तान सरकार (Government of Pakistan) को कटघरे में खड़ा कर दिया है. एक चेहरा ऐसा दिखा जिसने पाकिस्तान में सियासी पारा हाई कर दिया है. पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पीछे एक ऐसी महिला दिखीं जो इजरायल परस्त मानी जाती हैं और यही पाकिस्तान के उस दावे को मटियामेट करता है जिसमें वह खुद को फिलिस्तीन का खैरख्वाह बताता है.

वीडियो और कुछ तस्वीरों में दिखीं ये महिला एक स्तंभकार-लेखिका हैं और इनका नाम है शमा जुनेजो. अब ये दिखीं तो सोशल मीडिया पर बवाल हो गया. सरकार की नीति और मंशा पर सवाल उठाए जाने लगे. नतीजतन विदेश कार्यालय को सफाई देनी पड़ी और बकायदा एक बयान जारी करना पड़ा. एफओ ने खुद को इस विवाद से दूर कर लिया. आखिर पूरा मामला क्या है? आइए तफ्सील से समझते हैं! दरअसल, 25 सितंबर को, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक सत्र को संबोधित किया था. उनके भाषण की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आते ही आग की तरह फैल गईं. सबका ध्यान उनके पीछे बैठी जुनेजो पर गया. फिर क्या था कई साल पहले उनके ट्विटर (अब एक्स) टाइमलाइन के कई स्क्रीनशॉट शेयर किए जाने लगे जिनमें इजरायल के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया था. यह भी पढ़ें : BJP Worker Shot Dead: मेरठ में भाजपा कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या, हमले के बाद फरार हुए बदमाश

सोशल मीडिया पर हंगामा मचने के बाद, आसिफ साहब को कहना पड़ा कि उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जगह भाषण दिया था क्योंकि उनके अन्य कार्यक्रम थे; प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में भाग ले रहे हैं. इसके बाद विदेश विभाग पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा, "यह महिला या मेरे पीछे जो भी बैठा था, वह विदेश कार्यालय के विवेक पर निर्भर था और है." रक्षा मंत्री ने अपने विचारों की दुहाई देते हुए ये भी कहा कि पिछले 60 वर्षों से, फिलिस्तीन के मुद्दे से उनका भावनात्मक लगाव और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता रही है. उन्होंने आगे कहा कि अबू धाबी में काम करने के दौरान उनके जो फिलिस्तीनी दोस्त और सहकर्मी थे, वो अब भी उनके संपर्क में हैं. बोले, "गाजा पर मेरे विचार स्पष्ट हैं और मैं उन्हें खुलकर व्यक्त करता हूं."

अपना बचाव करते हुए आगे बोले, "यह महिला कौन है? वह प्रतिनिधिमंडल के साथ क्यों है, और वह मेरे पीछे क्यों बैठी थी? इन सवालों का जवाब केवल विदेश कार्यालय ही दे सकता है. मेरे लिए उनकी ओर से जवाब देना उचित नहीं है." उन्होंने कहा कि एक्स पर उनका बयान इस बात का प्रमाण है कि फिलिस्तीन के साथ उनका रिश्ता उनके धर्म का हिस्सा है. बस इसके बाद, शुक्रवार देर रात एक्स पोस्ट में, विदेश कार्यालय ने कहा कि उसने "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हालिया बैठक में रक्षा मंत्री के पीछे एक खास व्यक्ति के बैठने" से संबंधित प्रश्नों पर ध्यान दिया है. विदेश कार्यालय ने स्पष्ट रूप से जुनेजो का नाम नहीं लिया.

इसमें कहा गया, "स्पष्टीकरण के लिए, संबंधित व्यक्ति का नाम 80वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के आधिकारिक परिचय पत्र में सूचीबद्ध नहीं था, जिस पर उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने हस्ताक्षर किए थे. इस प्रकार, रक्षा मंत्री के पीछे उनके बैठने को उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री की मंजूरी नहीं मिली थी." इस बीच, जुनेजो ने एक्स पर उन पिछली पोस्टों के स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए जिनमें उन्होंने गाजा में इजरायल के नरसंहार की निंदा की थी.

उन्होंने कहा, "यूथिया ( डॉन के अनुसार, ये एक अपमानजनक शब्द है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर पीटीआई समर्थकों के लिए गाली के रूप में किया जाता है) मुझे जोयोनीवादी (यहूदी चरमपंथ समर्थक) कह रहे हैं, जबकि पिछले दो सालों से मैं लगभग रोजाना गाजा के बारे में ट्वीट करती रही हूं, नेतन्याहू को युद्ध अपराधी कहती रही हूं और इजराइली अत्याचारों को दिखाती रही हूं." अपनी बातों को विराम देते हुए उन्होंने कहा, "एक बार फिर, यह पूरा अभियान मेरे खिलाफ इसलिए चलाया गया है क्योंकि वे सिर्फ मुझसे डरते हैं."