Nepal Next PM: नेपाल में जेन जेड युवाओं के उग्र प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे. सड़कों पर आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट जारी है, जबकि सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. ओली के इस्तीफे के बाद अब सवाल यह है कि नेपाल की कमान किसके हाथों में जाएगी? काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह (Balendra Shah ) और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता रवि लामिछाने (Rabi Lamichhane) के नाम सबसे आगे चल रहे हैं. दोनों युवा चेहरे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, लेकिन राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल द्वारा नए पीएम की नियुक्ति पर सस्पेंस बरकरार है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारी रवि को पीएम और बालेन को गृह मंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य बालेन को अंतरिम पीएम के रूप में देखना चाहते हैं. यह भी पढ़े: कौन हैं बालेंद्र शाह? नेपाल के वो रैपर मेयर, जो बन सकते हैं अगले प्रधानमंत्री
बिगड़ते हालात पर सेना का हस्तक्षेप
युवकों के विरोध प्रदर्शन के बीच ओली ने मंगलवार (9 सितंबर) को इस्तीफा दिया, लेकिन प्रदर्शन थमने के बजाय और भड़क गए. प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में आग लगा दी, मंत्रियों के घरों पर हमला किया और ललितपुर की नक्खु जेल पर धावा बोलकर रवि लामिछाने को रिहा करा लिया. सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल ने बयान जारी कर प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की है.
कौन हैं बालेंद्र शाह?
बालेंद्र शाह, जिन्हें बालेन शाह के नाम से जाना जाता है, एक रैपर, सिविल इंजीनियर और काठमांडू के वर्तमान मेयर हैं. उनका जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में हुआ. उन्होंने हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री और भारत के कर्नाटक से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया. 2012 में उन्होंने अपना संगीत करियर शुरू किया और नेपाली हिप-हॉप सीन में लोकप्रिय हुए. 2022 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू मेयर चुनाव जीता, जहां उन्होंने नेपाली कांग्रेस और सीपीएन (यूएमएल) के उम्मीदवारों को हराया.
कौन हैं रवि लामिछाने?
रवि लामिछाने एक पूर्व पत्रकार और राजनेता हैं, जिनका जन्म 14 सितंबर 1975 को नागरकोट में हुआ। उन्होंने अमेरिकी नागरिकता ली थी, लेकिन 2017 में त्याग दी. 2013 में उन्होंने सबसे लंबे टीवी टॉक शो का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. 2022 में उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की स्थापना की और चितवन-2 से संसद सदस्य चुने गए. उन्होंने दो बार उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में सेवा की.
दोनों नेताओं के बीच सस्पेंस बरकरार
दोनों नेताओं की मांग है कि उन्हें नेपाल की कमान सौंपी जाए. बालेन युवाओं के बीच अधिक लोकप्रिय हैं, जबकि रवि की पार्टी आरएसपी का राजनीतिक आधार मजबूत है. कुछ प्रदर्शनकारी रवि को पीएम और बालेन को गृह मंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं. राष्ट्रपति पौडेल नए पीएम चुनने की प्रक्रिया में हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि संसद भंग हो और नए चुनाव हों. विशेषज्ञों का कहना है कि यह "जेन जेड क्रांति" नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है, जैसा बांग्लादेश में हुआ.
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत
प्रदर्शन 8 सितंबर को सोशल मीडिया बैन से शुरू हुए, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं की नाराजगी को दबाने के लिए लगाया गया था. बैन हटाने के बाद भी आंदोलन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और नेपोटिज्म के खिलाफ फैल गया. जिस विरोध प्रदर्शन के बीच ओली को पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा. लेकिन ओली के इस्तीफे के बाद भी नेपाल में प्रदर्शन धमता हुआ नजर नहीं आ रहा है.













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