VIDEO: पाकिस्तान में कुदरत का कहर! बारिश और बाढ़ में करीब 200 लोगों की मौत, सेना का हेलीकॉप्टर भी क्रैश
Photo- @vani_mehrotra/X

Pakistan Floods: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ ने कहर बरपा दिया है. पिछले 24 घंटे में ही 200 से अधिक लोगों की जान चली गई है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, सबसे ज्यादा तबाही खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुई, जहां अकेले 150 लोगों की मौत हो चुकी है. बूनर जिले में हालात बेहद गंभीर हैं, यहां 78 लोगों की जान गई है और कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. सरकार ने शुक्रवार को बूनर में आपातकाल की घोषणा कर दी है. सैकड़ों घर मलबे में तब्दील हो चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. पहाड़ी इलाकों में फंसे करीब 1,300 पर्यटकों को मंसेहरा जिले से बचाया गया है, जबकि कम से कम 35 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.

ये भी पढें: Pakistan Floods: पाकिस्तान में भारी बारिश और बाढ़ का क़हर, 49 लोगों की मौत, 1300 पर्यटक बचाए गए

पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश और बाढ़ का कहर

रेस्क्यू हेलिकॉप्टर भी हुआ क्रैश

पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर भी क्रैश

इसी बीच, राहत और बचाव कार्य में जुटा एक पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर खराब मौसम की वजह से क्रैश हो गया, जिसमें 5 क्रू मेंबर की मौत हो गई. यह हेलिकॉप्टर उन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचा रहा था, जहां सड़क से पहुंचना नामुमकिन हो गया है.

खैबर पख्तूनख्वा के अलावा, पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में 9 और गिलगित-बाल्टिस्तान में 5 लोगों की जान गई है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के लिए फिर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और लोगों को संवेदनशील इलाकों में जाने से मना किया है.

भारत के जम्मू-कश्मीर में भी तबाही

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में बादल फटने के बाद आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 21 की पहचान हो पाई है. 167 लोगों को बचाया गया है, जिनमें 38 की हालत गंभीर बताई जा रही है. 200 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. हादसा 14 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे तब हुआ, जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के पहले पड़ाव पर जुटे थे.

बाढ़ में बसें, टेंट, लंगर और दुकानें बह गईं. राहत-बचाव के लिए NDRF, सेना, पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियां लगातार ऑपरेशन में लगी हैं.

आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ी

हिमालयी इलाके हर साल बारिश के मौसम में बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से अब इन आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ रही हैं.

फिलहाल पाकिस्तान और भारत के प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी है, लेकिन लगातार बारिश और खराब मौसम राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.

Source: reuters and Al Jazeera