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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत, दुनिया, खेल और विज्ञान की सारी बड़ी खबरें, एक साथ और तुरंत. हम यह पेज लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि आपको दिनभर की खबरें एक साथ एक जगह मिल जाएं.- जर्मन राज्य के स्थानीय चुनावों में एएफडी को बड़ी बढ़त

- एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को हराया

- पोलैंड के बाद रोमानिया में भी मिला रूसी ड्रोन

एशिया कप 2025: भारतीय खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाया, पाकिस्तान ने की शिकायत

रविवार को दुबई में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए एशिया कप 2025 के मुकाबले को टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीता लेकिन इसके बाद एक विवाद खड़ा हो गया. दरअसल, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के वक्त पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया और इतना ही नहीं जीत के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया.

जब पत्रकारों ने सूर्यकुमार से हाथ ना मिलाने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि कुछ बातें खेल भावना से भी ऊपर होती हैं. जीत के बाद बीसीसीआई ने भारतीय कप्तान का एक बयान एक्स पर एक पोस्ट किया और इस जीत को सुरक्षा बलों के समर्पित किया. पोस्ट में लिखा, "हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़े हैं. हम अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं. हम आज की जीत को अपने सभी सशस्त्र बलों को समर्पित करना चाहते हैं जिन्होंने अदम्य साहस दिखाया. आशा है कि वे हमें प्रेरित करते रहेंगे और जब भी हमें मौका मिले, हम उन्हें मैदान पर मुस्कुराने के और भी कारण देंगे."

रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान के टीम मैनेजर नवीद अकरम चीमा ने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट के पास हाथ ना मिलाने को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है.

नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया के स्थानीय चुनावों में एएफडी के वोट तीन गुना हुए

जर्मनी के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया में रविवार को हुए स्थानीय निकाय चुनावों में चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की सेंटर राइट पार्टी सीडीयू को बढ़त मिली है. सीडीयू को करीब 34 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि सेंटर लेफ्ट पार्टी एसपीडी 22.5 प्रतिशत वोट पाकर दूसरे नंबर पर है. ये दोनों पार्टियां मिलकर केंद्र में सरकार चला रही हैं.

सबसे बड़ा उछाल धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी को मिला, जिसे 16.5 फीसदी वोट मिले. यह 2020 के 5.1 फीसदी से तीन गुना ज्यादा है. मई में मैर्त्स के पदभार संभालने के बाद यह पहला स्थानीय चुनाव था. पूर्वी जर्मनी में मजबूत मानी जाने वाली एएफडी अब पश्चिम में भी समर्थन बढ़ाने की कोशिश कर रही है.