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LIVE: आर्ट्स और कॉमर्स स्टूडेंट भी अब बन पाएंगे कॉमर्शियल पायलट

इस कदम के बाद आर्ट्स और कॉमर्स विषयों से 12वीं कक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स भी कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) हासिल कर पाएंगे.

LIVE: आर्ट्स और कॉमर्स स्टूडेंट भी अब बन पाएंगे कॉमर्शियल पायलट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

इस कदम के बाद आर्ट्स और कॉमर्स विषयों से 12वीं कक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स भी कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) हासिल कर पाएंगे.- आर्ट्स और कॉमर्स स्टूडेंट भी अब बन पाएंगे कॉमर्शियल पायलट

- जर्मनी ने कहा, यूक्रेन पर अब लंबी दूरी के हथियार इस्तेमाल करने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं

- भारत के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बारे में अलग-अलग दावे

भारत के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बारे में अलग-अलग दावे

नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने सोमवार को भरोसा जताया है कि भारत 2025-26 में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. इसके साथ ही भारत जापान को पीछे छोड़ देगा. अरविंद ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “डेटा अप्रैल 2026 में सामने आएगा. कई बार यह थोड़ा पहले फरवरी या मार्च में आ जाता है लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय पुष्टि की उम्मीद केवल 2026 में कर सकते हैं.”

उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि 2025-26 में हमारा पूर्वानुमान सही साबित होगा. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के अप्रैल संस्करण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में भारत की नॉमिनल जीडीपी के 4.187 ट्रिलियन डॉलर के आस-पास पहुंचने की उम्मीद है. यह जापान की संभावित जीडीपी से थोड़ी ही ज्यादा है, जो 4.186 ट्रिलियन डॉलर के आस-पास रह सकती है.

विरमानी का यह बयान नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम के उस दावे से अलग है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. सुब्रह्मण्यम ने 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और यह मेरा डेटा नहीं है, बल्कि आईएमएफ का डेटा है. उन्होंने आगे कहा था कि अगर हम अपनी योजना पर टिके रहे तो अगले ढाई से तीन सालों में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.

जर्मनी ने कहा, यूक्रेन पर अब लंबी दूरी के हथियार इस्तेमाल करने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने सोमवार शाम को घोषणा की कि जर्मनी ने फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ मिलकर रूस के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए यूक्रेन को भेजे जाने वाले हथियारों पर प्रतिबंध हटा लिया है.

बर्लिन में हो रहे डब्ल्यूडीआर यूरोपा फोरम 2025 में मैर्त्स ने कहा, “यूक्रेन को दिए जाने वाले हथियारों पर अब कोई सीमा प्रतिबंध नहीं है - ना ही ब्रिटेन की ओर से, ना ही फ्रांस की ओर से, ना ही हमारी या फिर अमेरिका की तरफ से.”

उन्होंने आगे कहा, “...जैसे कि अब यूक्रेन, रूस के सेना ठिकानों को निशाना बना कर, बेहतर ढंग से खुद की हिफाजत कर सकेगा.” यही बात उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर भी कही.

इस पर रूस ने सख्त रुख अपनाया है. रूस का कहना है कि पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन पर से लंबी दूरी के हथियारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध हटाना एक ‘खतरनाक कदम’ साबित हो सकता है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेश्कोव ने रूसी पत्रकार अलेक्सांदर युनशेव को बताया, “अगर वाकई यह फैसला लिया गया है तो वह राजनीतिक (शांति) समाधान की हमारी इच्छाओं के बिल्कुल विपरीत है....यह काफी खतरनाक फैसला है.”

आर्ट्स और कॉमर्स स्टूडेंट भी अब बन पाएंगे कॉमर्शियल पायलट

नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भारत में कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग के लिए शैक्षिक पात्रता मानदंड को संशोधित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस कदम के बाद आर्ट्स और कॉमर्स विषयों से 12वीं कक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स भी कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) हासिल कर पाएंगे.

पिछले 30 सालों से विज्ञान विषयों (गणित और भौतिक विज्ञान) के साथ 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट ही सीपीएल ट्रेनिंग हासिल कर पाते थे. इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक, डीजीसीए ने अपनी सिफारिश नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दी है, जो इस संशोधन पर फैसला लेगा और फिर इसे कानून मंत्रालय को भेज दिया जाएगा.

खबर के मुताबिक, बीते सालों में आर्ट्स और कॉमर्स विषयों से 12वीं पास करने वाले बहुत सारे स्टूडेंट ओपन स्कूलिंग से गणित और भौतिक विज्ञान की परीक्षा देते थे ताकि वे पायलट ट्रेनिंग के लिए जरूरी पात्रता हासिल कर सकें. नए नियम के लागू होने की स्थिति में इसकी जरूरत नहीं होगी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 27, 2025 12:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).