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बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी और अमेरिकी अधिकारी

ईरान के साथ जारी दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर के बीच ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं.

बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी और अमेरिकी अधिकारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ईरान के साथ जारी दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर के बीच ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं.अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को छिड़े युद्ध को समाप्त करने के लिए शनिवार को पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत होनी है. इस शांति वार्ता के लिए दोनों ही देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप राष्ट्रपति जेडी वैंस कर रहे हैं, जिसमें राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जैरेड कुशनर भी शामिल हैं.

वहीं, ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची कर रहे हैं. ईरान का दल शुक्रवार को ही पाकिस्तान पहुंच गया था.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि हवाई अड्डे पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस्हाक डार, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. डार ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष इसमें शामिल होंगे और इस संघर्ष के स्थायी और टिकाऊ समाधान खोजने की कोशिश करेंगे.

मारे गए स्कूली बच्चों की तस्वीरों और बस्ते

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने एक्स पर अपनी एक तस्वीर साझा की है, जिसमें वे एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरों को देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान तक उनकी फ्लाइट में ये बच्चे उनके साथी थे. तस्वीर में कालीबाफ बच्चों की चार तस्वीरों को देख रहे हैं, जिनमें से हर तस्वीर को विमान की सीट पर एक बैग और एक फूल के साथ रखा गया था.

28 फरवरी को एक स्कूल पर हुए हमले में 165 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें कई बच्चे शामिल थे. यह हमला ईरान के साथ इस्राएल और अमेरिका की जंग के शुरुआती घंटों में हुआ था. इस मामले की फिलहाल जांच की जा रही है लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स इशारा करती हैं कि स्कूल पर हमला अमेरिकी मिसाइल ने किया था.

लेबनान का मुद्दा उठाएगा ईरान

तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से पहले यह भी कहा है कि लेबनान और ईरान पर लगे प्रतिबंधों पर बात किए बिना चर्चा शुरू नहीं हो सकती. मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने एक्स पर लिखा कि वॉशिंगटन पहले ईरानी संपत्ति को अनब्लॉक करने और लेबनान में युद्धविराम के लिए राजी हुआ था. उन्होंने कहा कि जब तक ये वादे पूरे नहीं होते, बातचीत शुरू नहीं होगी. वहीं, इस्राएल और अमेरिका का कहना है कि लेबनान में चल रहा सैन्य अभियान, ईरान और अमेरिका के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम का हिस्सा नहीं है. लेबनान में इस्राएल के हमले शुक्रवार को भी जारी रहे.

सीजफायर में लेबनान को शामिल करने की मांग पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ईरानियों को यह समझ नहीं आ रहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया को थोड़े समय के लिए डराने के अलावा उनके पास कोई कार्ड नहीं है. उनके आज जिंदा रहने की इकलौती वजह समझौता करना है. इसके साथ ही ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खमेनेई ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी की है.

इस्लामबाद में लॉकडाउन

इस्लामाबाद में बातचीत से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पूरे शहर में लगभग लॉकडाउन लगाया गया है और सड़कों पर हजारों अर्धसैनिक बल और सेना के जवान तैनात हैं. ट्रंप ने मंगलवार को युद्ध में दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की थी, जिससे ईरान पर अमेरिकी और इस्राएली के हवाई हमले रुक गए हैं. हालांकि, इस अस्थायी संघर्षविराम ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी को खत्म नहीं किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2026 07:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).