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2025 बना जर्मन नागरिकता पाने वाले विदेशियों का रिकॉर्ड साल

नागरिकता के नियमों में छूट मिलने के बाद पिछले साल 3 लाख से भी अधिक लोगों को जर्मन नागरिकता मिलने की खबरें हैं.

2025 बना जर्मन नागरिकता पाने वाले विदेशियों का रिकॉर्ड साल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

नागरिकता के नियमों में छूट मिलने के बाद पिछले साल 3 लाख से भी अधिक लोगों को जर्मन नागरिकता मिलने की खबरें हैं. जानिए किस देश के लोग इसमें सबसे आगे हैं और अगले साल फिर एक बड़े उछाल की उम्मीद क्यों की जा रही है.जर्मनी में नागरिकता मिलने के मामलों में एक बार फिर नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में 3.09 लाख लोगों ने जर्मन नागरिकता हासिल की है. अगर इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि हो जाती है, तो यह 2024 के 2.92 लाख के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगा.

नागरिकता के नियमों में ढील का असर

जर्मन अखबार 'वेल्ट' ने जर्मनी के 16 में से 14 राज्यों से आंकड़े जुटाए हैं. उसके आंकड़ों के मुताबिक, जर्मन नागरिकता मिलने के मामलों में एक साल पहले के मुकाबले करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल के पीछे मुख्य वजह साल 2024 के मध्य में जर्मन नागरिकता कानून में किए गए ऐतिहासिक बदलाव हैं.

इन संशोधनों के तहत नागरिकता के लिए जर्मनी में रहने की जरूरी न्यूनतम अवधि को 8 साल से घटाकर 5 साल कर दिया गया था. नए नियमों के तहत प्रवासियों को अपनी पुरानी राष्ट्रीयता बनाए रखने यानी दोहरी नागरिकता रखने की अनुमति भी दी गई है.

सीरियाई नागरिक सबसे आगे, यूक्रेनी होंगे अगले

'वेल्ट' के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में नागरिकता पाने वालों में लगभग 28 फीसदी के साथ सबसे बड़ी हिस्सेदारी सीरियाई नागरिकों की थी, जिसके बाद तुर्की के लोग शामिल थे. कुछ नगर पालिकाओं का कहना है कि इस साल नए आवेदनों में मामूली कमी दिखाई दी है, लेकिन प्रशासन भविष्य में आने वाले एक और बड़े उछाल की तैयारी कर रहा है.

बहुत सारे तुर्क क्यों ले रहे हैं जर्मनी की नागरिकता?

अनुमान है कि यह उछाल यूक्रेनी लोगों के नागरिकता आवेदनों के कारण आएगा. असल में साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध छिड़ने के बाद जर्मनी आए लाखों यूक्रेनी शरणार्थी 2027 तक अपनी 5 साल की निवास अवधि पूरी कर लेंगे, जिसके बाद उनके 'नैचुरलाइजेशन' की शर्त पूरी हो जाएगी और इसके बाद उनके आवेदनों में भारी तेजी आने की उम्मीद है.

ईरान युद्ध के बीच जर्मनी में शरणार्थियों पर नई बहस

ईरान में जारी अमेरिकी-इस्राएली युद्ध के गहराते संकट के बीच जर्मनी में ईरान के और शरणार्थियों के आने को लेकर चिंता भी देखी जा रही है. 'श्टैर्न' मैगजीन और जर्मन प्राइवेट ब्रॉडकास्टर 'आरटीएल' के लिए रिसर्च एजेंसी 'फोर्सा' के कराए एक हालिया सर्वे के अनुसार, जर्मनी की बहुसंख्यक आबादी का मानना है कि देश इस समय नए शरणार्थियों के बोझ को संभालने की स्थिति में नहीं है.

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों का कहना है कि जमीनी तौर पर अभी तक ईरान से बड़े पैमाने पर किसी पलायन के संकेत नहीं मिले हैं. भौगोलिक दृष्टि से ईरान की सबसे लंबी सीमा इराक से लगती है और यूरोप पहुंचने के लिए तुर्की से सटी उत्तरी सीमा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.

इस समय पूरे यूरोप में सबसे बड़ा ईरानी प्रवासी समुदाय जर्मनी में ही रहता है. इनकी कुल आबादी लगभग 3.19 लाख है. इनमें से करीब 1.28 लाख लोगों ने जर्मन नागरिकता ले रखी है.बहुत सारे तुर्क क्यों ले रहे हैं जर्मनी की नागरिकता?

(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2026 11:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).