महाराष्ट्र में अनोखी शादी: रिटर्न गिफ्ट में नहीं बांटे कंगन-मिठाई, दूल्हे के परिवार ने पूरे गांव के 3,465 लोगों को दिया 1-1 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के नांदेड़ जिले में एक विवाह समारोह के दौरान सामाजिक सुरक्षा की अनूठी मिसाल सामने आई है. यहां एक दूल्हे और उसके परिवार ने पारंपरिक रिटर्न गिफ्ट या फिजूलखर्च को छोड़कर अपने पूरे गांव के 3,465 निवासियों को 1-1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपहार में दिया है. इस अनूठी पहल से पूरे गांव को सामूहिक रूप से 34.6 करोड़ रुपये का सुरक्षा कवच मिला है.
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नांदेड़, 26 मई: भारतीय शादियों (Indian Wedding) में मेहमानों को मिठाई, कपड़े या महंगे स्मृति चिन्ह (Souvenirs) रिटर्न गिफ्ट के तौर पर देने की परंपरा सदियों पुरानी है. लेकिन महाराष्ट्र (Maharashtra) के मराठवाड़ा (Marathwada) क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर आई है, जिसने विवाह के पारंपरिक उल्लास को सामाजिक सुरक्षा के एक ड़े सुरक्षा नेट (Safety Net) में बदल दिया है. नांदेड़ जिले के कंधार तालुका स्थित बहादरपुरा गांव के रहने वाले दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर और उनके परिवार ने अपनी शादी के उपलक्ष्य में गांव के सभी 3,465 निवासियों को 1-1 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर उपहार में दिया है. इस अनूठी और दूरदर्शी पहल के तहत पूरे गांव को सामूहिक रूप से कुल 34.6 करोड़ रुपये का ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर प्राप्त हुआ है, जिसकी सराहना स्थानीय प्रशासन से लेकर पूरे राज्य में की जा रही है. यह भी पढ़ें; Maharashtra Wedding: महाराष्ट्र के नांदेड़ में शादी का अनोखा ‘शगुन’, दूल्हे के परिवार ने गांव के 3,465 लोगों को 1-1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपहार में दिया
वोटर लिस्ट के जरिए दूर की कागजी बाधाएं, ग्राम पंचायत के नाम पॉलिसी
यह विवाह बीते 20 मई को संपन्न हुआ था. शादी के बाद पेठकर परिवार ने किसी भी प्रकार के दिखावे या पारंपरिक उपहारों पर खर्च करने के बजाय स्थानीय ग्राम पंचायत के नाम पर एक ग्रुप एक्सीडेंट पॉलिसी खरीद. इस परोपकारी कार्य की सबसे खास बात यह रही कि इसमें ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कागजी प्रक्रिया (Paperwork) से नहीं गुजरना पड़ा.
परिवार ने बिना किसी देरी के हर एक ग्रामीण को इस नीति में शामिल करने के लिए सीधे गांव की आधिकारिक मतदाता सूची (Voters' List) बीमा कंपनी को सौंप दी. यह बीमा पॉलिसी पूरे एक वर्ष के लिए वैध रहेगी और पेठकर परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले समय में इसके भविष्य के नवीनीकरण (Renewal) पर भी विचार करेंगे. हालांकि, परिवार ने पॉलिसी के लिए भुगतान किए गए कुल प्रीमियम की गुप्त राशि को साझा करने से इनकार कर दिया है.
दूल्हे का परिवार गाँव के सभी 3,465 निवासियों को दुर्घटना बीमा कवर प्रदान करता है
A #wedding in Bahadarpura village of #Kandhar tehsil in #Maharashtra’s Nanded district has grabbed attention after groom Siddheshwar Pethkar and his family gifted accident insurance coverage worth Rs 1 lakh each to all 3,465 villagers. The initiative, announced during the wedding… pic.twitter.com/FOZGblLtGY
— News9 (@News9Tweets) May 26, 2026
क्यों लिया यह अनूठा फैसला? नांदेड़ क्षेत्र की पृष्ठभूमि
इस अभूतपूर्व निर्णय के पीछे नांदेड़ और मराठवाड़ा क्षेत्र की विशेष भौगोलिक और ग्रामीण परिस्थितियां जिम्मेदार हैं. इस क्षेत्र के कृषि प्रधान समुदायों में अक्सर सांप के काटने (Snake Bites), आसमानी बिजली गिरने (Lightning Strikes) और खेती के दौरान होने वाले गंभीर हादसों के कारण असमय मौतें या अपंगता देखने को मिलती है. बीमा सुरक्षा न होने के कारण कई गरीब किसान परिवार पूरी तरह से आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाते हैं.
दूल्हे के बड़े भाई अनूप पेठकर ने इस पर कहा, 'हमारी शादी की खुशी हमारे घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर पूरे समाज तक पहुंचनी चाहिए थी. नांदेड़ के आसपास के गांवों में आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं परिवारों को तोड़ देती हैं. हम चाहते थे कि यह शादी सिर्फ यादें नहीं, बल्कि गांव के लिए एक स्थाई सुरक्षा कवच छोड़कर जाए.' वहीं दूल्हे सिद्धेश्वर ने अत्यंत शालीनता से कहा, 'हमारी संस्कृति में दान का ढिंढोरा नहीं पीटा जाता. हम किसी तालियों या वाहवाही के भूखे नहीं हैं, हमारे लिए पूरे गांव का आशीर्वाद ही काफी है.'
गांव को शगुन में मिला 'सुरक्षा कवच', सरपंच ने सराहा मॉडल
लगभग 4,500 मेहमानों की उपस्थिति वाली इस शादी में जब इस उपहार की घोषणा हुई, तो यह पूरे तालुका में चर्चा का विषय बन गया. बहादरपुरा के एक स्थानीय निवासी मोहन शेकापुरे ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'ऐसा महसूस हुआ जैसे पूरे गांव को शगुन के रूप में सुरक्षा की एक मजबूत शॉल मिल गई हो. हमारे यहां आज तक किसी ने ऐसी शादी या ऐसा अनमोल रिटर्न गिफ्ट नहीं देखा था.'
गांव के सरपंच बलीराम पेठकर ने भी इस पहल को इस क्षेत्र का पहला और ऐतिहासिक नागरिक कदम बताया है. उन्होंने कहा कि यह मॉडल इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे एक निजी पारिवारिक उत्सव को पूरे समाज की भलाई और उसकी सबसे बड़ी कमजोरी को दूर करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2026 01:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

