सैक्सनी-अनहाल्ट में एएफडी ने 'इतिहास रचने' की ठानी है
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी के सैक्सनी‑अनहाल्ट राज्य में दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी सर्वेक्षणों में आगे चल रही है और पहली बार सरकार बना सकती है. डीडब्ल्यू से बातचीत में पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार उलरिष जीगमुंड ने कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा.जर्मनी के पूर्वी राज्य सैक्सनी-अनहाल्ट में होने वाले क्षेत्रीय चुनाव में धुर दक्षिणपंथी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' पार्टी के मुख्य उम्मीदवार उलरिष जीगमुंड ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा है कि वह एक "ऐतिहासिक" जीत के साथ "डोमिनो इफेक्ट" पैदा करना चाहते हैं. "डोमिनो इफेक्ट" का मतलब होता है एक के बाद एक होने वाला असर. सबसे ताजा सर्वेक्षणों के अनुसार, उनकी पार्टी एएफडी सितंबर में होने वाले चुनाव में जीतने की राह पर है, और वह अकेले भी सरकार चला सकती है.

35 वर्षीय जीगमुंड ने राज्य की राजधानी माग्देबुर्ग में डीडब्ल्यू को बताया, "यहां सैक्सनी-अनहाल्ट में लोग आशा की भावना से भरे हैं. यह एक अद्भुत अहसास है. अब तो हम इतिहास रच कर रहेंगे. हम यहां सैक्सनी-अनहाल्ट में पूरे जर्मनी में पहली एएफडी की सरकार को सच करके दिखाने जा रहे हैं."

सैक्सनी-अनहाल्ट में एएफडी को 'चरमपंथी' का दर्जा मिला हुआ है

जीगमुंड की एएफडी शाखा जर्मनी में अधिक विवादास्पद शाखाओं में से एक है. राज्य की घरेलू खुफिया सेवा ने एएफडी के रीजनल चैप्टर को "दक्षिणपंथी चरमपंथी" करार दिया है. संविधान के संरक्षण के इस कार्यालय का तर्क है कि एएफडी पार्टी नस्ल के आधार पर नागरिकता की अवधारणा को बढ़ावा देती है, जो जर्मन संविधान, यानी बेसिक लॉ (मूल कानून) के विपरीत है.

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जीगमुंड खुफिया एजेंसी के इस वर्गीकरण को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज करते हैं. फिर भी राजनीतिक विरोधी और पुलिस प्रमुख चेतावनी देते हैं कि एएफडी की सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करेगी, जिसमें वर्गीकृत जानकारी को साझा करना भी शामिल है. उलरिष जीगमुंड जोर देकर कहते हैं कि एएफडी "कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध है." लेकिन कई राजनीति के जानकार संशय में हैं.

माग्देबुर्ग-श्टेंडाल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेटिक कल्चर के मथियास क्वेंट ने डीडब्ल्यू को बताया, "मेरा मानना है कि सरकार में आने पर एएफडी अपने कट्टरपंथ को और अधिक स्थापित और पेशेवर बनाएगी. विशेष रूप से सैक्सनी-अनहाल्ट में, जहां इसकी सबसे अधिक धुर दक्षिणपंथी शाखाओं में से एक है. वहां ऐसी ताकतें नहीं हैं जो कोई अलग रास्ता चाहेंगी."

नहीं करेंगे कोई 'वैचारिक जांच'

एक नए प्रशासन में प्रमुख भूमिकाओं को भरने के लिए संभावित उम्मीदवारों की खोज शुरू करने की तैयारियां पर्दे के पीछे जारी हैं. जीगमुंड ने बताया कि लोगों की भर्ती करने में सिविल सेवा के नियमों का ही पालन होगा और वह 'व्हाइट सुप्रीमिस्ट आइडेंटिटेरियन' आंदोलन से जुड़े उम्मीदवारों की "वैचारिक जांच" नहीं करेंगे.

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उन्होंने कहा, "हम लोगों को करीब से देखते हैं. अगर वे संबंधित पद के मानदंडों को पूरा करते हैं, तो मैं उनकी कोई वैचारिक जांच नहीं करूंगा, बल्कि उनका, उनकी योग्यताओं का और लागू कानूनी ढांचे का सम्मान करूंगा."

सितंबर के चुनाव के बाद अगर सैक्सनी-अनहाल्ट में धुर दक्षिणपंथी एएफडी सत्ता संभालती है, तो जीगमुंड का अनुमान है कि मंत्रालयों और राज्य एजेंसियों में 200 तक पदों को भरने की जरूरत होगी. यह पूछे जाने पर कि क्या वह एएफडी के उन नियमों का पालन करेंगे, जो पार्टी के सदस्यों को चरमपंथी समूहों सहित कुछ संगठनों में शामिल होने से रोकते हैं. इसके जवाब में जीगमुंड ने पार्टी की सदस्यता और राज्य की नियुक्तियों के बीच अपने रवैये में अंतर को स्पष्ट किया.

उन्होंने कहा, "आप एक राजनीतिक पार्टी की बात कर रहे हैं. हम एक राज्य सरकार की बात कर रहे हैं. मिसाल के तौर पर, किसी विभाग के प्रमुख की नियुक्ति करते समय कोई राजनीतिक दिशानिर्देश नहीं होते हैं बल्कि एक कानूनी ढांचा होता है, और निश्चित रूप से, हम हमेशा उसका पालन करते हैं. आपका मतलब राजनीतिक सहयोग या पार्टी की सदस्यता से है."

हालांकि, समाजशास्त्री क्वेंट को उम्मीद है कि अगर एएफडी की सरकार बनती है तो वह अपने चरमपंथी समर्थकों को सिविल सर्विस में स्थापित करने का प्रयास करेगी.

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सुरक्षा एजेंसिओं में लाना चाहते हैं बदलाव

जीगमुंड पहले सेल्समैन का काम कर चुके हैं और उनका टिकटॉक अकाउंट देश के राजनेताओं में से सबसे लोकप्रिय अकाउंट्स में से एक है. जीगमुंड ने लॉ इनफोर्समेंट एजेंसियों से निपटने के अपने इरादे की भी रूपरेखा तैयार की है. उन्होंने कहा, "असल में हम इस तंत्र को वापस सफलता की राह पर ले जाना चाहते हैं, इसका गैर-राजनीतिकरण करना चाहते हैं और इसे फिर से तटस्थ बनाना चाहते हैं, और इन सबसे ऊपर, देश के हितों की सेवा करना चाहते हैं."

पड़ोसी राज्य थुरिंजिया के गृह मंत्री गेऑर्ग मायर ने जून में राज्य के आंतरिक मंत्रियों की अगली बैठक के एजेंडे में एएफडी के सत्ता संभालने के प्रभावों को शामिल करने का आह्वान किया है. मायर ने डीडब्ल्यू को बताया, "हम देख रहे हैं कि एएफडी की रणनीति हमारे उदार लोकतंत्र को भीतर से कमजोर करने और इसे टुकड़ों में नष्ट करने की है."

'रीइमिग्रेशन' की योजनाओं का क्या होगा

एएफडी ने उन प्रवासियों पर सख्ती बरतने का वादा किया है जिनके वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है और शरण पाने के उनके अनुरोध को खारिज किया जा चुका है. वर्तमान कानून के विपरीत, एएफडी चाहती है कि निर्वासन की प्रतीक्षा कर रहे सभी लोगों को हिरासत में लिया जाए. जीगमुंड ने कहा, "हमारी सरकार के तहत, जिन व्यक्तियों को देश छोड़ना आवश्यक है, उन्हें निश्चित रूप से निर्वासन लंबित होने तक हिरासत में रखा जाना चाहिए."

वह निर्वासन के लिए एक टास्क फोर्स का गठन करना चाहते हैं जो नए नियमों को लागू कराएगी. सैक्सनी-अनहाल्ट के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 5,000 से कुछ कम लोग हैं जिनका देश छोड़ना तय है.

शिक्षा प्रणाली में लाना चाहते हैं बदलाव

जीगमुंड शिक्षा प्रणाली में बुनियादी बदलाव चाहते हैं, जिसमें होम स्कूलिंग को फिर से शुरू करने से लेकर शरणार्थी बच्चों के लिए अलग कक्षाएं शामिल हैं. जर्मनी में शिक्षा संघीय राज्यों का मामला है. उन्होंने कहा, "हम पाठ्यक्रमों को गैर-वैचारिक बनाने जा रहे हैं. इसका मतलब यह है कि हाल के वर्षों में जो कुछ भी वैचारिक रूप से यहां पेश किया गया है, उसे हटा दिया जाएगा."

एएफडी सार्वजनिक शिक्षा से डायवर्सिटी एजुकेशन, एलजीबीटीक्यू+जागरूकता और नस्लवाद विरोधी सेमिनारों को हटाने की भी समर्थक है.

रूस के साथ संबंधों की नई शुरुआत

वैसे तो जर्मनी में विदेश नीति संघीय सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन जीगमुंड ने रूस पर प्रतिबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया है. यदि वे चुने जाते हैं, तो उन्होंने रूसी भाषा के पाठ्यक्रमों को वापस लाने का वादा किया है और मंशा जताई है कि स्कूल एक्सचेंज प्रोग्राम के हिस्से के रूप में रूसी छात्र राज्य में लौटें.

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सैक्सनी-अनहाल्ट पहले पूर्वी जर्मनी, जीडीआर का हिस्सा था, जिसके सोवियत संघ के साथ करीबी संबंध थे. इसे लेकर जीगमुंड का तर्क है, "अब हमें संस्कृति को केवल एक अलग दिशा में क्यों ले जाना चाहिए सिर्फ इसलिए क्योंकि यह इस समय चलन में है? हमें नहीं लगता कि यह एक अच्छा विचार है. हम चाहते हैं कि संस्कृति इस चलन से अलग रहे."

जब घोटालों से हिला सैक्सनी-अनहाल्ट का एएफडी

वर्ष की शुरुआत में भाई-भतीजावाद के आरोपों को लेकर जीगमुंड दबाव में आ गए थे. राज्य विधानसभा में एएफडी के कई विधायकों के बारे में यह खुलासा हुआ था कि उन्होंने अपने सहयोगियों के परिवार के सदस्यों के लिए अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियां सुरक्षित की थीं. जीगमुंड खुद भी 2023 में धुर दक्षिणपंथी हस्तियों के लिए एक नेटवर्किंग प्रोग्राम में भाग लेने के कारण सुर्खियों में आए थे. इस बैठक पर मीडिया रिपोर्टों के बाद जर्मन संघीय गणराज्य के इतिहास में सबसे बड़े नागरिक समाज के विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

उस तथाकथित "पॉट्सडाम बैठक" में, ऑस्ट्रिया के जातीय राष्ट्रवादी नेता मार्टिन सेल्नर ने "रीइमिग्रेशन" के लिए अपनी मुख्य योजना प्रस्तुत की थी. इस योजना में शरण चाहने वालों, रहने का अधिकार रखने वाले विदेशियों और "नॉन-इंटीग्रेटेड" नागरिकों का निर्वासन शामिल है.

एएफडी को 'डोमिनो इफेक्ट' की उम्मीद

घोटालों के बावजूद, जनमत सर्वेक्षणों में एएफडी का समर्थन लगातार बढ़ता रहा है. यदि सैक्सनी-अनहाल्ट में सामने आ रहे क्षेत्रीय सर्वेक्षण सही हैं, तो सितंबर का चुनाव वहां दो दशकों से अधिक के कंजरवेटिव पार्टी के शासन को खत्म कर सकता है और एएफडी के लिए एक ऐतिहासिक सफलता का प्रतीक बन सकता है. एएफडी की स्थापना 2013 में एक एंटी-यूरो पार्टी के रूप में हुई थी और इसने 2015 में एंटी-इमिग्रेशन (आप्रवासन विरोधी) के मुद्दे को अपनाया था.

जीगमुंड मानते हैं कि उन पर अच्छे नतीजे दिलाने का दबाव है, लेकिन साथ ही कहते हैं कि एएफडी की जीत पार्टी में दूसरों के लिए एक मंच का काम करेगी. जीगमुंड ने कहा, "इससे यह संकेत जाएगा कि आखिरकार एक राजनीतिक बदलाव हो रहा है, कि हम एक बार फिर अपने राज्य के अनुकूल नीतियां अपना रहे हैं. और उसका, निश्चित रूप से, एक डोमिनो इफेक्ट होगा."

सैक्सनी-अनहाल्ट में चुनाव 6 सितंबर को होने वाला है. इस राज्य में करीब 18 लाख मतदाता हैं. अन्य जर्मन राज्यों की तुलना में यहां की आबादी तेजी से घट रही है और औसतन अधिक बुजुर्ग होती जा रही है.