'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है': इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने हिंदी मुहावरे से किया पीएम मोदी का स्वागत, वीडियो वायरल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक रोम दौरे के दौरान इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक अनोखा जेस्चर दिखाया है. संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान मेलोनी ने प्रसिद्ध हिंदी मुहावरे 'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है' का उपयोग करते हुए भारत और इटली के गहराते रणनीतिक संबंधों की सराहना की.

जॉर्जिया मेलोनी और पीएम मोदी (Photo Credits: File Image)

रोम/नई दिल्ली, 20 मई: भारत और इटली के बीच मजबूत होते राजनयिक और रणनीतिक संबंधों के बीच रोम से एक बेहद अनूठी और दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Italy's Prime Minister Giorgia Meloni) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का स्वागत करते हुए एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान प्रसिद्ध हिंदी मुहावरे 'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है' का इस्तेमाल किया. मेलोनी ने दोनों देशों के बीच बढ़ रहे द्विपक्षीय और रणनीतिक सहयोग को रेखांकित करने के लिए 'परिश्रम' शब्द के सांस्कृतिक महत्व को समझाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है.

"यह उस लंबी किताब का एक नया पन्ना है जिसे हम साथ लिख रहे हैं"

रोम में आयोजित संयुक्त प्रेस मीट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि पीएम मोदी की यह उच्च स्तरीय यात्रा दोनों देशों के राजनयिक इतिहास में एक निर्णायक अध्याय है.

मेलोनी ने कहा, "आपका यह दौरा हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है. यह हमारे देश के साथ संबंधों में एक नया पन्ना खोलता है. यह उस लंबी किताब का आखिरी पन्ना नहीं होने जा रहा है जिसे आप दोनों देश मिलकर संकल्प के साथ लिख रहे हैं और अपने काम को सर्वोत्तम संभव तरीके से अंजाम दे रहे हैं." यह भी पढ़ें: 'पीएम मोदी इटली में Meloni के साथ Melody खाने में व्यस्त हैं': राहुल गांधी का NEET रद्दीकरण, महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री पर तीखा प्रहार

'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है'

इतालवी पीएम मेलोनी ने समझाया 'परिश्रम' का महत्व

जॉर्जिया मेलोनी ने विशेष रूप से भारतीय संदर्भ और संस्कृति से जुड़े 'परिश्रम' शब्द का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन और उद्देश्यपूर्ण श्रम की यह अवधारणा दोनों सरकारों की कार्यशैली से मेल खाती है.

मेलोनी ने विस्तार से समझाते हुए कहा, "एक भारतीय शब्द है जो इसे बहुत अच्छी तरह से बयां करता है—परिश्रम. इसका अर्थ है कड़ी मेहनत. यह एक ऐसा शब्द है जो भारत में बहुत लोकप्रिय तरीके से इस्तेमाल किया जाता है—'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है'. इसका मतलब है कि कठिन काम ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है और हम अपने संबंधों को इसी तरह बनाने के आदी हैं जहां कड़ी मेहनत फिर से सफलता में बदल जाती है." यह भी पढ़ें: ‘Internet-Breaking Moment’: पीएम मोदी द्वारा जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी भेंट करने पर पारले के वीपी की प्रतिक्रिया

विशेष रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ते कदम

यह उच्च स्तरीय राजनयिक बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और इटली अपने द्विपक्षीय ढांचे को पारंपरिक मित्रता से आगे बढ़ाकर एक 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' (Special Strategic Partnership) में बदल रहे हैं. एक औपचारिक रात्रिभोज और ऐतिहासिक कोलोसियम की संयुक्त यात्रा के बाद, दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर एक संयुक्त लेख (Op-ed) भी जारी किया.

इस नए सहयोगी रोडमैप में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:

प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Technology Transfer) और रक्षा सहयोग.

नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और अंतरिक्ष अन्वेषण.

समुद्री सुरक्षा और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता.

2027 में मनेगा 'भारत-इटली संस्कृति और पर्यटन वर्ष'

प्रेस वक्तव्य के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में सुरक्षा चुनौतियों, क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक साझा रुख अपनाने पर भी चर्चा की. दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और दो प्राचीन सभ्यताओं के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए, नेताओं ने साल 2027 को "इटली-भारत संस्कृति और पर्यटन वर्ष" (Italy-India Year of Culture and Tourism) के रूप में मनाने की पुष्टि की है.

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