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Afghanistan: बकरीद की नमाज के दौरान राष्ट्रपति भवन के पास दागे गए 3 रॉकेट, अब तक तालिबान ने नहीं ली जिम्मेदारी

अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) के बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मौके पर संबोधन देने से कुछ समय पहले मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के पास कम से कम तीन रॉकेट दागे गए. हालांकि अफगानिस्तान सरकार ने कहा कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ.

Afghanistan: बकरीद की नमाज के दौरान राष्ट्रपति भवन के पास दागे गए 3 रॉकेट, अब तक तालिबान ने नहीं ली जिम्मेदारी
अफगानिस्तानी सुरक्षाबल (Photo Credits: Twitter)

काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) के बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मौके पर संबोधन देने से कुछ समय पहले मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के पास कम से कम तीन रॉकेट दागे गए. हालांकि अफगानिस्तान सरकार ने कहा कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ. पाकिस्तान पहुंचे अमेरिकी दूत, तालिबान-अफगानिस्तान के बीच तत्काल राजनीतिक समाधन का आह्वान किया

राष्ट्रपति भवन के पास ईद की नमाज के दौरान (Eid Prayers) हुए रॉकेट हमले में कोई घायल नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि परवान-ए-से (Parwan-e-Se) क्षेत्र से तीनों रॉकेट दागे गए थे. जो राजधानी काबुल के बाग-ए-अली मरदा (Bagh-e Ali Mardan), चमन-ए-हुजुरी (Chaman-e Huzoori ) और मनाबे बशारी (Manabe Bashari) क्षेत्र में गिरी. अभी किसी ने भी इस रॉकेट हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि 24 घंटों में अफगानिस्तान में कई हवाई हमलों और भीषण लड़ाई में कम से कम 53 तालिबान आतंकवादी मारे गए और 38 अन्य घायल हो गए. बयान में कहा गया है कि मारे गए आतंकवादियों में तालिबान के तीन डिवीजनल कमांडर भी शामिल हैं.

यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब अफगान सुरक्षाबलों ने तालिबान आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है. दरअसल तालिबान एक बार फिर अफगानिस्तान में तेजी से अनेक क्षेत्रों पर नियंत्रण करता जा रहा है. तालिबान ने पिछले कुछ सप्ताह में कई रणनीतिक जिलों में नियंत्रण हासिल किया है, जिनमें विशेष रूप से ईरान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान की सीमाओं से लगे इलाके हैं. तालिबान का दावा है कि उसने अफगानिस्तान के कुल 420 से ज्यादा जिलों और जिला केंद्रों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है.

अमेरिका में 11 सितंबर को हुए आतंकी हमलों के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 2001 की शरद ऋतु में अफगानिस्तान में सेना भेजी थी. अमेरिका और नाटो बलों ने मई की शुरूआत में अफगानिस्तान से पीछे हटना शुरू कर दिया था. अमेरिकी सेना ने हाल ही में कहा था कि सैनिकों की वापसी 90 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है और राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इसे 31 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा. राजनीतिक और सैन्य नियंत्रण अफगान सरकार को सौंप दिया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2021 11:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).