
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बुधवार को ब्रिटिश चैनल आईटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत (India), रूस और चीन जैसे देशों में अच्छी हवा (Clean Air) और पानी तक नहीं हैं. विश्व के पर्यावरण (Environment) को लेकर ये देश अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं और न ही इन देशों को इस जिम्मेदारी का अहसास है. इन देशों में प्रदूषण (Pollution) और सफाई को लेकर को सोच नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे स्वच्छ देशों में से एक है. जबकि भारत, चीन और रूस जैसे देशों को स्वच्छता और प्रदूषण की समझ तक नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत समेत कई देशों में बहुत अच्छी हवा भी नहीं है. न ही बहुत साफ पानी. अगर आप कुछ शहरों में जाएं...मैं इन शहरों का नाम नहीं लूंगा लेकिन मैं ले सकता हूं. इन शहरों में जाने पर आप सांस तक नहीं ले सकते.
मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार से तीन दिन की राजकीय यात्रा पर लंदन आए हैं. उन्होंने बकिंघम पैलेस में प्रिंस चार्ल्स के साथ चाय पर बातचीत की. ट्रंप ने बुधवार को प्रसारित इंटरव्यू में आईटीवी से कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बेटे चार्ल्स ने जलवायु परिवर्तन विषय पर अच्छी तरह से बातचीत की. ट्रंप ने कहा कि हम 15 मिनट बातचीत करने वाले थे. लेकिन यह बातचीत डेढ़ घंटे चली. और ज्यादातर समय वह ही बोले. वह जलवायु परिवर्तन विषय पर संजीदा हैं और मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है, मतलब यह कि मैं यह चाहता हूं, मुझे यह पसंद है. यह भी पढ़ें- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 18 जून की रैली में दूसरे चुनाव अभियान का करेंगे ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह जलवायु परिवर्तन से लड़ने को लेकर प्रिंस चार्ल्स के जज्बे से आश्चर्यचकित हैं. ट्रंप, प्रिंस चार्ल्स की इस बात से भी खासा प्रभावित हैं कि वह ऐसा विश्व चाहते हैं जो ‘‘भावी पीढ़ियों के लिए अच्छा हो.’’ बता दें कि ट्रंप ने साल 2016 में राष्ट्रपति बनने के बाद से पर्यावरण संबंधी नियमों को वापस लिया है और वह अमेरिका को पेरिस जलवायु संधि से भी बाहर कर चुके हैं.
भाषा इनपुट