China Warns World War Three: कभी भी छिड़ सकता है तीसरा विश्व युद्ध, चीन ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में करीब 150 लड़ाकू विमानों को भेजने के बाद दी चेतावनी
चीन (Photo Credits: File Photo)

नई दिल्ली: बीजिंग (Beijing) और ताइवान (Taiwan) के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन (China) ने चेतावनी दी है कि तीसरा विश्व युद्ध (World War Three) किसी भी समय शुरू हो सकता है. चीन पहले भी धमकी दे चुका है कि यदि ताइवान ने आजादी की बात कही तो उसे आक्रमण झेलना होगा. ग्लोबल टाइम्स (Global Times) में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका (US) और ताइवान की मिलीभगत के कारण हालात काफी बिगड़ चुके हैं और बातचीत के रास्ते खत्म हो चुके हैं. Taiwan Threatens China: ताइवान की चीन को धमकी- हम शांति चाहते है लेकिन अपने लोगों की रक्षा से नहीं चूकेंगे

बता दें कि चीन ने ताइवान पर काफी आक्रामक रुख अपनाया हुआ है. मंगलवार को चीन ने ताइवान के वायु क्षेत्र में दर्जनों लड़ाकू विमान भेजे थे. एक अक्तूबर से अब तक चीन ने करीब 150 लड़ाकू विमानों को ताइवान के वायु क्षेत्र में भेज चुका है. रिपोर्ट के अनुसार चीन के लोग अमेरिका और ताइवान पर चौतरफा हमला करने के लिए तैयार हैं. बीजिंग ने 1 अक्टूबर को चीनी राष्ट्रीय दिवस पर 38 विमान उड़ाए, उसके बाद 2 अक्टूबर को 39, 3 अक्टूबर को 16 और 4 अक्टूबर को 52 विमान उड़ाए.

बीजिंग ताइवान पर हमले की तैयारी में है. वह किसी भी समय ताइवान पर आक्रमण बोल सकता है. ऐसे में अमेरिका और बाकी पश्चिम देश ताइवान की मदद करने पर मजबूर हो जाएंगे और दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध का सामना करना पड़ेगा.

बढ़ते तनाव के बीच, ताइवान ने क्षेत्रीय शांति के लिए विनाशकारी परिणाम की चेतावनी दी है यदि चीन बीजिंग के युद्धक विमानों द्वारा घुसपैठ के दिनों के बाद द्वीप पर आक्रमण करता है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि वह और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग "ताइवान समझौते" का पालन करने के लिए सहमत हुए हैं.

ताइवान की सीमा में लड़ाकू विमान भेजे जाने के बाद ताइवान की राष्ट्रपति ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा था कि इस तरह की कार्रवाई पर जल्द से जल्द रोक लगाएं. चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है. चीन ने यहां तक कह दिया है कि अगर हथियारों के दम पर ताइवान पर कब्जा करना पड़ा, वह उसके लिए भी तैयार है.

बीबीएस के अनुसार, बाइडेन वाशिंगटन की लंबे समय से चली आ रही "एक चीन" नीति का जिक्र कर रहे थे, जिसके तहत वह ताइवान के बजाय चीन को मान्यता देता है. हालाँकि, यह समझौता वाशिंगटन को ताइवान के साथ "मजबूत अनौपचारिक" संबंध बनाए रखने की भी अनुमति देता है.