Jai Shri Ram in Thailand: थाईलैंड में उमड़ा राम भक्तों का सैलाब, विदेशों में भी गूंजा 'जय श्री राम' का नारा, VIDEO में देखें शानदार जश्न
थाईलैंड में भी प्रभु श्री राम के आगमन उत्सव को बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. मंदिरों में राम भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है, जो हर्षोन्माद के साथ "जय श्री राम" के नारे लगाकर अपना प्रेम प्रकट कर रहे हैं.
Ram Mandir Pran Pratishtha Celebration in Thailand: श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा का पावन अवसर न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी राम भक्तों के हृदय में अपार हर्ष और उल्लास का संचार कर रहा है. 22 जनवरी को अयोध्या होने वाले इस पवित्र अनुष्ठान को लेकर चारों ओर राम नाम का गुंज रहा है और हर पल को किसी महापर्व की तरह सेलिब्रेट किया जा रहा है.
दूर देश थाईलैंड में भी प्रभु श्री राम के आगमन उत्सव को बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. मंदिरों में राम भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है, जो हर्षोन्माद के साथ "जय श्री राम" के नारे लगाकर अपना प्रेम प्रकट कर रहे हैं. यह दृश्य न केवल भारत में, अपितु विदेशों में भी देखने को मिल रहा है, जिससे यह सिद्ध होता है कि श्री राम का संदेश सीमाओं को पार कर चुका है और उनके आदर्श विश्वभर में श्रद्धा अर्जित कर रहे हैं.
इन देशों में मनाया जा रहा जश्न
विदेशों में श्री राम मंदिर के निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर राम भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है. टोबैगो में रामलीला का आयोजन किया गया है, तो नेपाल में भव्य शोभायात्रा निकाली गई है. श्रीलंका और मॉरीशस में भी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है. इतना ही नहीं, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा जैसे देशों में भी राम भक्तजन इस पावन अवसर को धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रहे हैं.
श्री राम मंदिर का निर्माण केवल एक ईंट-गारे का ढांचा नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है. यह मंदिर रामराज्य के आदर्शों को जीवित करता है, जहां सत्य, न्याय और धर्म का सर्वोच्च स्थान है. यही कारण है कि इसके निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा से न केवल भारत के राम भक्त, बल्कि विश्वभर के आध्यात्मिक जनों में अपार हर्ष व्याप्त है.
22 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो जाएगा. यह वह दिन है, जिस दिन भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे और करोड़ों श्रद्धालुओं को उनका दिव्य दर्शन प्राप्त होगा. यह उत्सव न केवल धार्मिक समारोह है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान का भी प्रतीक है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 21, 2024 05:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

