अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ सालों में हुए सबसे घातक सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के अधिकारी कतर की राजधानी दोहा जा रहे हैं. एक हफ्ते से ज्यादा समय से चल रही इस लड़ाई में दोनों तरफ से दर्जनों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं.
तालिबान सरकार ने शनिवार को बताया कि अफगान डेलिगेशन में रक्षा मंत्री और खुफिया एजेंसी के प्रमुख शामिल हैं. वहीं, पाकिस्तान के सरकारी टीवी चैनल PTV के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों का एक दल भी शनिवार को रवाना होने वाला था.
इस पूरे मामले पर दोनों देश एक-दूसरे पर आक्रामक होने का आरोप लगा रहे हैं. पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान उन आतंकियों को पनाह देता है जो सीमा पार आकर हमले करते हैं, जबकि तालिबान इन आरोपों को खारिज करता है.
दोनों देशों के बीच 48 घंटे का संघर्ष-विराम (ceasefire) शुक्रवार शाम को खत्म हो गया था. इसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने सीमा पार हमला कर दिया.
In the Name of Allah, the Most Compassionate, the Most Merciful
As previously agreed, negotiations with the Pakistani side are scheduled to take place today in Doha. In this regard, a high-level delegation of the Islamic Emirate, led by the Honorable Minister of Defense,
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— Zabihullah (..ذبـــــیح الله م ) (@Zabehulah_M33) October 18, 2025
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने समाचार एजेंसी AP को बताया कि अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के उरगुन और बरमल जिलों में हवाई हमले किए गए. नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों का निशाना आतंकी संगठन हाफिज गुल बहादुर ग्रुप के ठिकाने थे. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी वायुसेना की इस कार्रवाई में दर्जनों लड़ाके मारे गए और किसी आम नागरिक की मौत नहीं हुई. एक अधिकारी ने कहा कि यह ऑपरेशन एक दिन पहले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुए एक आत्मघाती हमले का सीधा जवाब था.
लेकिन, अफगान अधिकारियों का कहना है कि इन हवाई हमलों में कम से कम 10 आम नागरिक मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. इन हमलों के विरोध में अफगानिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान में होने वाली अपनी अगली सीरीज को भी रद्द कर दिया है.
तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे "पाकिस्तानी सेना का बार-बार किया जाने वाला अपराध और अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन" बताया. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें उकसाने वाली हैं और संघर्ष को लंबा खींचने की "जानबूझकर की गई कोशिश" लगती हैं.













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