कोरल रीफ को खाकर खत्म कर रही है स्टारफिश
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

लकड़ी के भाला बरछी ले कर गोतोखोर लहरों के नीचे डुबकी मारते हैं और स्टारफिश के झुंड को निशाना बनाते हैं. ये सारी कवायद इसलिए है ताकि स्टारफिश को कोरल रीफ को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके.कुक आइलैंड के इन गोताखोरों ने इस जुगाड़ के औजार को ही कांटे जैसी सींग वाली स्टारफिश को रोकने के लिए अपना हथियार बनाया है. स्टारफिश की यह प्रजाति बड़े चाव से कोरल रीफ को अपना आहार बनाती है. उष्णकटिबंधीय कोरल रीफ पहले ही जलवायु परिवर्तन का खामियाजा उठा रहे हैं. मछलियों का आहार बनने से उन पर और अधिक खतरा मंडराने लगा है.

कोरल रीफ को खाने वाली स्टारफिश

दक्षिण प्रशांत महासागर में मौजूद इस छोटा से देश में करीब 17,000 लोग रहते हैं. कई सालों से यहां के कोरल रीफ इस मुसीबत की चपेट में आ रहे हैं. समुद्री जीवविज्ञानी टाइना रोंगो कहते हैं, "यह द्वीप के आसपास मौजूद समूचे रीफ को पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं." रोंगो स्वयंसेवियों की मदद से रीफ के संरक्षण के लिए काम करते हैं. उन्होंने यह भी कहा, "मुझे लगता है कि इस वक्त पूरे प्रशांत के इलाके में यह समस्या है, हम दूसरे देशों में इसी समस्या के सिर उठाने की खबरें सुन रहे हैं."

एक स्टारफिश अकेले साल भर में 10 वर्गमीटर रीफ को खा कर खत्म कर सकती है. ये जीव ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ के लिए भी बड़ा खतरा बन कर उभरे हैं. ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने इनसे लड़ने के लिए रोबोट विकसित किए हैं जो स्टारफिश को पकड़ कर उनके शरीर में जहर डाल देते हैं. ऑस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट ऑफ मरीन साइंस की रिसर्चर स्वेन उथीके का कहना है, "फिलहाल तो उन्हें इंजेक्शन के जरिए मारा जा रहा है. वह विनेगर, लाइम जूस या फिर ऑक्स बाइल कुछ भी हो सकता है." उथीके ने यह भी बताया कि कुछ लोग केमिकल अट्रैक्शन वाले जाल भी बना रहे हैं लेकिन यह अभी विकास के शुरुआती चरण में है.

क्राउन ऑफ थोर्न्स स्टारफिश

सैकड़ों जहरीले कांटों की वजह से क्राउन ऑफ थोर्न्स स्टारफिश को यह नाम मिला है. उसके 21 मांसल हाथ हो सकते हैं और वह आकार में कार के टायर जितनी बड़ी हो सकती है. आमतौर पर वे इतनी कम संख्या में होती थीं कि उन्हें समस्या नहीं माना जाता. लेकिन बीते कुछ समय से उनकी आबादी में हुई तेज वृद्धि ने रीफ को खतरे में डाल दिया है.

ऑस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट ऑफ मरीन साइंस के मुताबिक वे प्लेग की तरह बढ़ रही हैं और इस समय कोरल के खत्म होने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं. वैज्ञानिकों को आशंका है कि उनकी संख्या बढ़ने के पीछे कई कारण हैं. इनमें एक कारण है खेती से पोषक तत्वों का सागर में पहुंचना और प्राकृतिक शिकारियों की संख्या में कमी. समस्या यह है कि उनके बढ़ने के कारण रीफ की जान पर बन आई है. रीफ पहले ही जलवायु परिवर्तन के कारण होने वले कोरल ब्लीचिंग और सागरों के अम्लीकरण के कारण कमजोर हैं. यही वजह है कि रीफ को बचाने के लिए इस तरह के कदम उठाना जरूरी हो गया है.