International Day of Sport for Development and Peace 2025: खेल से शांति की ओर! जानिए कब और क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय खेल विकास और शांति दिवस
अंतर्राष्ट्रीय खेल विकास और शांति दिवस 2025 की थीम है— ‘Levelling the Playing Field: Sport for Social Inclusion’, यानी "खेल के मैदान को समान अवसरों के लिए तैयार करना: सामाजिक समावेश हेतु खेल." इस थीम के ज़रिए दुनिया भर में यह संदेश दिया जा रहा है कि खेल केवल प्रतियोगिता का जरिया नहीं बल्कि समाज में एकता, समानता और भाईचारे का माध्यम भी है.
International Day of Sport for Development and Peace 2025: हर साल 6 अप्रैल को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय खेल विकास और शांति दिवस (International Day of Sport for Development and Peace - IDSDP) मनाया जाता है. यह दिन खेलों के ज़रिए सामाजिक बदलाव, समावेश और शांति के संदेश को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है. साल 2025 में यह दिन 6 अप्रैल( रविवार) को मनाया जाएगा. भारत में भी इस दिन को खास अंदाज़ में मनाया जाता है. भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने ‘White Card’ अभियान में भाग लेकर इस वैश्विक पहल में अपना समर्थन जताया है. यह अभियान शांति और सकारात्मक बदलाव के प्रतीक के रूप में ‘सफेद कार्ड’ दिखाकर लोगों को एकजुट करने की कोशिश करता है. यह भी पढ़ें: ॐ राम रामाय नमः! शेयर करें श्रीराम के ये भक्तिमय संस्कृत Quotes, Mantras, WhatsApp Status और Photo Messages
इस साल की थीम: 'Levelling the Playing Field: Sport for Social Inclusion'
अंतर्राष्ट्रीय खेल विकास और शांति दिवस 2025 की थीम है— ‘Levelling the Playing Field: Sport for Social Inclusion’, यानी "खेल के मैदान को समान अवसरों के लिए तैयार करना: सामाजिक समावेश हेतु खेल." इस थीम के ज़रिए दुनिया भर में यह संदेश दिया जा रहा है कि खेल केवल प्रतियोगिता का जरिया नहीं बल्कि समाज में एकता, समानता और भाईचारे का माध्यम भी है.
इतिहास: ओलंपिक की नींव से शुरू हुई थी यह पहल
इस दिन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 6 अप्रैल 1896 को एथेंस, ग्रीस में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई थी. इसी ऐतिहासिक दिन को आधार बनाते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 23 अगस्त 2013 को एक प्रस्ताव (Resolution 67/296) पारित कर 6 अप्रैल को 'अंतर्राष्ट्रीय खेल विकास और शांति दिवस' के रूप में मान्यता दी. इसके बाद 2014 से हर साल इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है. इस पहल को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का भी पूरा समर्थन प्राप्त है. संयुक्त राष्ट्र अपने सहयोगी संगठनों, राष्ट्रीय खेल निकायों, स्कूलों और सामाजिक संस्थानों के साथ मिलकर इस दिन खेलों के महत्व को बढ़ावा देता है.
क्यों खास है यह दिन?
खेलों की शक्ति सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं है. यह सामाजिक भेदभाव को मिटाने, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और संस्कृतियों के बीच समझ को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है. इस दिन स्कूलों, खेल संस्थाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा दुनिया भर में अनेक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. इनमें शामिल हैं:
- खेल प्रतियोगिताएं और प्रदर्शन
- सामाजिक जागरूकता रैलियां
- ‘White Card’ कैंपेन के ज़रिए शांति का संदेश
- युवाओं को खेलों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना
- विकलांग और हाशिए पर मौजूद समूहों को खेलों में शामिल करना
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 06, 2025 07:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

