Asia Cup 2025: रोहित शर्मा और MS धोनी समेत इन भारतीय कप्तानों के सिर चढ़ा है एशिया कप का ताज! क्या इस बार चमकेगी टीम इंडिया की सेना? यहां देखें पूरी लिस्ट
Asia Cup 2025(Photo credits: X/@ACCMedia1)

Asia Cup 2025: एशिया कप अब बस शुरू होने ही वाला है और टीम इंडिया खिताब बचाने की तैयारी में जुट चुकी है. कुछ साल पहले भारत ने श्रीलंका को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी, लेकिन इस बार भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा नीली जर्सी में मैदान पर नहीं दिखेंगे. आगामी संस्करण टी20 प्रारूप में खेला जाएगा, जो अगले साल उपमहाद्वीप में होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारी के लिहाज़ से अहम साबित होगा. भारतीय क्रिकेट का एशिया कप इतिहास बेहद सुनहरा रहा है. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1984 में शारजाह में हुई थी और उसी साल भारत ने अपना दबदबा दिखा दिया था. भारतीय क्रिकेट के लिए एशिया कप हमेशा गौरव का विषय रहा है. गावस्कर से लेकर धोनी और रोहित तक, हर कप्तान ने इस टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ी है. अब देखना होगा कि 2025 में टीम इंडिया किस तरह अपने खिताब का बचाव करती है और एशियाई क्रिकेट में एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करती है. क्या टीम इंडिया खेलेगी एशिया कप या केवल पाकिस्तान के खिलाफ मैच को करेगी बहिष्कार? स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी के भाषण के बाद फैंस ने उठाए सवाल

यहां देखें पूरी लिस्ट

1984: सुनील गावस्कर की कप्तानी में पहली जीत

भारत ने एशिया कप का पहला खिताब 1984 में जीता. शारजाह में आयोजित इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर खिताब पर कब्ज़ा जमाया. उस समय सुनील गावस्कर टीम के कप्तान थे. इस जीत ने एशियाई क्रिकेट में भारत के वर्चस्व की नींव रखी और महाद्वीप में भारतीय क्रिकेट की ताकत का परिचय दिया.

1988: दिलीप वेंगसरकर का नेतृत्व

गावस्कर के बाद 1988 में भारत ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित की। इस बार कप्तान दिलीप वेंगसरकर थे और टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरी बार एशिया कप ट्रॉफी जीती. इस जीत ने यह साबित कर दिया कि भारत एशियाई क्रिकेट में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और उपमहाद्वीपीय क्रिकेट का पावरहाउस बनता जा रहा है.

1991 और 1995: मोहम्मद अजहरुद्दीन की डबल सफलता

90 के दशक में भारत की कमान मोहम्मद अजहरुद्दीन के हाथों में थी. अजहरुद्दीन भारत के पहले ऐसे कप्तान बने जिन्होंने दो बार एशिया कप की ट्रॉफी उठाई. 1991 और 1995 दोनों बार भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराया और खिताब अपने नाम किया. इस तरह शुरुआती वर्षों में ही भारत ने खुद को टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम के तौर पर स्थापित कर लिया.

2010 और 2016: एमएस धोनी का दबदबा

15 साल के लंबे अंतराल के बाद 2010 में टीम इंडिया ने एशिया कप का खिताब जीता. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को हराकर एक बार फिर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की. इसके बाद 2016 में जब एशिया कप को टी20 प्रारूप में बदला गया, तब भी धोनी ने टीम इंडिया को विजेता बनाया. इस जीत ने धोनी की कप्तानी और अनुकूलन क्षमता को और मज़बूत किया और भारत की वनडे व टी20 दोनों प्रारूपों में बादशाहत साबित की.

2018: रोहित शर्मा का सुनहरा अध्याय

2018 में विराट कोहली की गैरमौजूदगी में रोहित शर्मा ने कप्तानी संभाली और टीम को खिताब दिलाया. यह जीत रोहित शर्मा की कप्तानी करियर के लिए बेहद अहम रही. उन्होंने शांत स्वभाव और शानदार रणनीति के साथ टीम को सफलता दिलाई. इस जीत के बाद रोहित ने भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल नेताओं में अपनी पहचान मजबूत की.

अब 2025 की बारी

इस बार एशिया कप का आयोजन टी20 प्रारूप में हो रहा है और भारत का लक्ष्य अपने खिताब की रक्षा करना होगा. हालांकि, विराट कोहली और रोहित शर्मा इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन भारतीय टीम युवा खिलाड़ियों और नए चेहरों के साथ मैदान में उतरेगी. जिसका नेतृत्व सुर्याकुमार यादव कर सकते हैं. यह टूर्नामेंट न सिर्फ एशिया कप का खिताब दिलाने का मौका है बल्कि अगले साल के टी20 विश्व कप की तैयारी का भी अहम चरण साबित होगा.