Asia Cup 2025 Controversy: एशिया कप को क्रिकेट का महाकुंभ माना जाता है, जहां भारत, पाकिस्तान जैसी टीमें भिड़ती हैं और माहौल गरमा जाता है. लेकिन 2025 का यह टूर्नामेंट एक अजीब सवाल खड़ा कर रहा है: क्या यह क्रिकेट के मामले में अब तक का सबसे फीका और विवादों के मामले में सबसे मसालेदार एशिया कप है?
मैचों में वो दम ही नहीं दिख रहा
जो फैंस IPL और BBL के रोमांचक मैचों के आदी हो चुके हैं, उन्हें यह एशिया कप बिल्कुल बेमजा लग रहा है. ऐसा लग रहा है कि सारे मसाले तो हैं, लेकिन डिश में कोई स्वाद ही नहीं है.
- एकतरफा मुकाबले: ज़्यादातर मैच एकतरफा हो रहे हैं. कोई टीम बुरी तरह जीत रही है तो कोई बुरी तरह हार रही है. टक्कर देखने को ही नहीं मिल रही.
- कमजोर टीमों का बुरा हाल: छोटी टीमें तो टिक ही नहीं पा रही हैं. UAE की टीम भारत के खिलाफ सिर्फ 57 रनों पर ढेर हो गई, जो एशिया कप के T20 इतिहास के सबसे कम स्कोरों में से एक है.
- बड़ी टीमें भी फेल: बांग्लादेश जैसी मजबूत मानी जाने वाली टीम भी भारत से 41 रनों के बड़े अंतर से हार गई.
सिर्फ फैंस ही नहीं, क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने भी साफ-साफ कह दिया कि इस एशिया कप में टक्कर की कमी है. उन्होंने तो यहां तक सुझाव दे दिया कि टूर्नामेंट का स्तर उठाने के लिए साउथ अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों को मेहमान के तौर पर बुलाना चाहिए.
अगर आंकड़ों को देखें, तो 2025 के लगभग 38% मैच पूरी तरह से एकतरफा रहे हैं.
विवादों में सबसे आगे
भले ही मैदान पर क्रिकेट ठंडा रहा हो, लेकिन मैदान के बाहर ड्रामा ज़ोरों पर है.
- उकसाने वाले इशारे: पाकिस्तान के हारिस रऊफ ने भारतीय फैंस को "6-0" का इशारा किया, तो वहीं साहिबजादा फरहान ने बंदूक चलाने जैसा जश्न मनाया. भारत ने इस पर ICC से आधिकारिक शिकायत भी दर्ज करा दी है.
- बोर्ड की लड़ाई: BCCI और PCB के बीच शिकायतों का दौर चल रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे खिलाड़ी चौके-छक्के नहीं, बल्कि बोर्ड एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.
- भारत-पाक मैच भी फीका: जिस भारत-पाकिस्तान मैच का सबको इंतज़ार रहता है, वह भी एकदम ठंडा रहा. भारत ने 127 रनों का लक्ष्य आसानी से 7 विकेट से जीत लिया, बिना किसी रोमांच के.
- खराब फील्डिंग: भारतीय टीम ने भले ही मैच जीते हों, लेकिन एक ही एशिया कप में सबसे ज़्यादा कैच छोड़ने का शर्मनाक रिकॉर्ड भी बना दिया.
संक्षेप में कहें तो, क्रिकेट पर विवाद भारी पड़ रहे हैं.
इस बार ऐसा क्यों लग रहा है?
एशिया कप में पहले भी कमजोर और मजबूत टीमों के बीच एकतरफा मैच हुए हैं. तो फिर इस बार इतना फीकापन क्यों महसूस हो रहा है?
- IPL और BBL का असर: फैंस को अब IPL जैसे तेज़-तर्रार और करीबी T20 मैचों की आदत हो गई है. ऐसे में 20 ओवर के खेल में 40 रन से जीत उन्हें बहुत बोरिंग लगती है.
- नतीजे पहले से पता: ऐसा लग रहा है कि कहानी पहले से लिखी हुई है. भारत बहुत मजबूत दिख रहा है, पाकिस्तान का भरोसा नहीं, और बांग्लादेश कमजोर नजर आ रही है.
- क्रिकेट कम, शोर ज़्यादा: जब सुर्खियां आखिरी ओवर के रोमांच के बजाय खिलाड़ियों के इशारों, बोर्ड की शिकायतों पर बनें, तो समझ लीजिए कि कुछ तो गड़बड़ है.
अफसोस की बात यह है कि एशिया कप 2025 को शायद इसके क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि इसके विवादों, इशारों और राजनीति के लिए याद किया जाएगा. IPL के रोमांच पर पली-बढ़ी पीढ़ी के लिए यह एशिया का "महाकुंभ" कम और एक "साइड शो" ज़्यादा लग रहा है.













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