जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि मुस्लिम पति को अपनी पत्नी को तलाक देने के आधार पर उसके भरण-पोषण के अपने दायित्व से बचने के लिए न केवल यह दिखाना होगा कि तलाक मुस्लिम कानून के अनुसार वैध रूप से सुनाया गया है, बल्कि उसे यह भी दिखाना होगा कि इस तलाक की सूचना पत्नी को दे दी गई है.

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