कर्नाटक उच्च न्यायालय ने माना है कि स्तनपान एक मां का एक अपरिहार्य अधिकार है और अनुच्छेद 21 के तहत संविधान इस मौलिक अधिकार की गारंटी देता है। अदालत ने रेखांकित किया है कि शिशु के अधिकार को उसकी मां के अधिकार के साथ आत्मसात करने की जरूरत है। #Karnataka pic.twitter.com/2sv6eEdJLn— IANS Hindi (@IANSKhabar) September 30, 2021
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