VIDEO: लाइव TV पर मौत का पीछा! 240 की स्पीड से भाग रहा था कातिल, पुलिस ने कार से मारी भयानक टक्कर, हवा में उछला हत्यारा
(Photo : X)

कैलिफोर्निया की सड़कों पर सोमवार को जो हुआ, उसे लाखों लोगों ने अपनी टीवी स्क्रीन पर लाइव देखा. यह किसी हॉलीवुड एक्शन फिल्म का सीन नहीं था, बल्कि एक असली और खौफनाक पीछा था. एक कातिल, जो एक पुलिस डिप्टी की हत्या करके भाग रहा था, अपनी मोटरसाइकिल को 240 किलोमीटर प्रति घंटे (150 Mph) की रफ़्तार से दौड़ा रहा था. लेकिन उसका यह खतरनाक खेल एक नाटकीय ढंग से खत्म हुआ, जब एक कार ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी. और सच यह है कि यह कोई आम एक्सीडेंट नहीं था. यह एक सोची-समझी टक्कर थी.

गोली मारकर 240 की रफ़्तार से भागा

यह सब तब शुरू हुआ जब सैन बर्नार्डिनो काउंटी शेरिफ के डिप्टी, 28 वर्षीय एंड्रयू नुनेज, रैंचो कुकामोंगा में एक घरेलू हिंसा की कॉल पर पहुंचे. वहां 47 वर्षीय एंजेलो जोस साल्दिवर नाम का शख्स बंदूक के साथ एक महिला को धमका रहा था.

जैसे ही डिप्टी नुनेज मौके पर पहुंचे, साल्दिवर ने बिना सोचे-समझे उन पर गोली चला दी. गोली सीधे नुनेज के सिर में लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. डिप्टी नुनेज अपने पीछे अपनी 2 साल की बेटी और एक गर्भवती पत्नी को छोड़ गए.

अपने साथी को गिरता देख, बाकी पुलिस बल ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन तब तक साल्दिवर अपनी तेज़-तर्रार मोटरसाइकिल पर सवार होकर 210 फ्रीवे पर फरार हो चुका था.

टीवी पर लाइव 'डेथ रेस'

इसके बाद जो शुरू हुआ, वह कैलिफोर्निया के इतिहास के सबसे खतरनाक पुलिस चेज़ (पीछा) में से एक था.

  • रफ़्तार का जुनून: साल्दिवर अपनी मोटरसाइकिल को लगभग 150 मील प्रति घंटे (करीब 240 KMPH) की रफ़्तार से भगा रहा था.
  • लाइव तमाशा: न्यूज़ हेलीकॉप्टर इस पूरे मंज़र को लाइव टीवी पर दिखा रहे थे. साल्दिवर खतरनाक तरीके से कारों के बीच से ज़िग-ज़ैग करते हुए निकल रहा था.
  • बेखौफ कातिल: वीडियो में एक पल ऐसा भी आया जब उसने रफ़्तार कम किए बिना हैंडलबार से अपने दोनों हाथ हटा दिए और अपनी बंदूक को ठीक (स्लाइड बैक) करने लगा. वह साफ़ दिखा रहा था कि वह पकड़ा जाने वाला नहीं है.

पुलिस की दर्जनों गाड़ियाँ उसके पीछे थीं, लेकिन वह किसी के हाथ नहीं आ रहा था. वह आम लोगों की जान को भारी खतरे में डाल रहा था.

एक्सीडेंट नहीं, 'जस्टिस' था: कार ने ऐसे किया खेल खत्म

जैसे ही साल्दिवर अपलैंड के पास कैंपस एवेन्यू के नज़दीक पहुँचा, एक ग्रे रंग की टोयोटा कैमरी (Toyota Camry) कार उसके रास्ते में आई.

लाइव वीडियो में दिखा कि मोटरसाइकिल पूरी रफ़्तार से इस कार के पिछले हिस्से से टकराई. टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि साल्दिवर अपनी बाइक से उछलकर करीब 10 फीट हवा में गया और फिर धड़ाम से पक्की सड़क पर गिर गया. उसकी मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क पर बिखर गया.

कुछ पल के लिए वह सड़क पर पड़ा रहा, लेकिन फिर वह उठकर बैठने की कोशिश करने लगा. तभी पुलिस ने उसे घेरकर दबोच लिया.

कहानी में असली मोड़

पहले सबको लगा कि यह एक आम एक्सीडेंट था, कि कातिल का नसीब खराब था. लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी.

जिस ग्रे टोयोटा कैमरी से वह टकराया था, उसे कोई आम नागरिक नहीं चला रहा था. उस कार का ड्राइवर सैन बर्नार्डिनो काउंटी का ही एक नारकोटिक्स डिप्टी (जासूस) था, जो उस समय ऑफ-ड्यूटी था.

इस ऑफ़-ड्यूटी डिप्टी ने अपने रेडियो पर सुना कि एक साथी की हत्या करके एक बदमाश भाग रहा है. उसने टीवी पर लाइव चेज़ देखा और वह तुरंत वापस 'ऑन-ड्यूटी' हो गया. जब उसने देखा कि कातिल उसी के इलाके से गुज़र रहा है, तो उसने खुद एक्शन लेने का फैसला किया.

उस डिप्टी ने जानबूझकर अपनी कार को उस तेज़ रफ़्तार मोटरसाइकिल के आगे किया और उसे टक्कर मारी, ताकि उसे रोका जा सके.

क्या यह करना सही था?

इस घटना ने एक बड़ी बहस छेड़ दी कि क्या एक पुलिस वाले का इस तरह 'जानबूझकर' टक्कर मारना सही था?

पुलिसिंग मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल सही था, बल्कि ज़रूरी भी था.

  1. खतरनाक अपराधी: साल्दिवर सिर्फ़ रफ़्तार में नहीं भाग रहा था, वह एक हत्यारा था जिसने कुछ ही देर पहले एक पुलिस वाले को मारा था.
  2. आम जनता को खतरा: 240 KMPH की रफ़्तार पर वह किसी भी दूसरी गाड़ी से टकराकर कई बेगुनाह लोगों की जान ले सकता था.
  3. सशस्त्र (Armed): वह हथियारबंद था और वीडियो में बंदूक लहराता दिखा था.

विशेषज्ञों के मुताबिक, उस ऑफ़-ड्यूटी डिप्टी ने जो किया, वह 'घातक बल' (Deadly Force) का सही इस्तेमाल था, क्योंकि उन्होंने एक बड़े खतरे को और लोगों को नुकसान पहुँचाने से रोक दिया. एक एक्सपर्ट ने कहा, "उसने पहले ही एक पुलिस वाले को मार दिया था. यह मानना सही था कि वह दोबारा भी गोली चला सकता है."

साल्दिवर को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत स्थिर है. अब उस पर डिप्टी नुनेज की हत्या के आरोप में मुक़दमा चलेगा.