Viral Video: चीता परियोजना (Cheetah Project) के तहत, कुनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) से धीरा (Dheera) नाम की एक मादा चीता को बुधवार को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया. भारत में चीता परियोजना के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह स्थानांतरण किया गया है. धीरा को एक विशेष रूप से तैयार किए गए बाड़े में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां पर्याप्त शिकार की व्यवस्था की गई है. इससे उसे जंगल में स्वतंत्र रूप से घूमने से पहले नए परिवेश में ढलने में मदद मिलेगी.
बता दें कि इससे पहले 20 अप्रैल 2025 को, चीता भाइयों पावक (Pavak) और प्रभास (Prabhas) को मंदसौर जिले (Mandsaur District) के गांधी सागर अभयारण्य (Gandhi Sagar Sanctuary) में छोड़ा गया था. बताया जा रहा है कि दो बड़ी जंगली बिल्लियां नए वातावरण में जल्दी ढल गईं, क्योंकि रिहाई के 30 घंटे के भीतर ही वे एक नर चीतल का शिकार करते पाए गए. यह भी पढ़ें: Madhya Pradesh: कूनो नेशनल पार्क में 20 माह की मादा चीते की दर्दनाक मौत, तेंदुए से झड़प की आशंका
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में शामिल हुई मादा चीता धीरा
VIDEO | Mandsaur, Madhya Pradesh: Female cheetah ‘Dheera’ from Kuno National Park has been successfully released into Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary as part of the Cheetah Project. She has been placed in a specially prepared enclosure with abundant prey to help her adapt to the… pic.twitter.com/qiz1QUswh4
— Press Trust of India (@PTI_News) September 17, 2025
प्रभास और पावक, फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से कुनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए 12 चीतों के समूह में से दो नर चीते हैं. ये चीते 20 अप्रैल 2025 को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में बसने वाले पहले चीते बन गए. अब, मादा चीता, धीरा, एक महत्वाकांक्षी प्रजनन कार्यक्रम के तहत उनके साथ जुड़ गई है.
केएनपी अधिकारियों के अनुसार, इसका लक्ष्य मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चीतों की आबादी का विस्तार और वृद्धि करना है, न कि उन्हें एक ही स्थान तक सीमित रखना.
यह घटना कुनो राष्ट्रीय उद्यान में 20 महीने की मादा चीता के मृत पाए जाने के ठीक दो दिन बाद हुई है. इसे मैदान में तेंदुए और चीते के बीच पहली बार दर्ज की गई झड़प का परिणाम माना जा रहा है.













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