वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कचहरी (कोर्ट) परिसर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहाँ वकीलों के एक समूह ने बड़ागांव थाने के एक दारोगा मिथिलेश प्रजापति और कुछ सिपाहियों पर हमला कर दिया. वकीलों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसमें दारोगा मिथिलेश प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए.
क्या है पूरा मामला?
इस पूरे बवाल की जड़ एक जमीनी विवाद से जुड़ी है. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले दो पक्षों में जमीन को लेकर झगड़ा हुआ था. इस मामले को संभालते हुए दारोगा मिथिलेश प्रजापति ने दोनों ही पक्षों पर शांति भंग करने की आशंका में धारा 151 के तहत कार्रवाई कर दी थी. इन दो पक्षों में से एक पक्ष वकील का था.
वकील पक्ष का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के दौरान दारोगा ने उनके साथ न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि मारपीट भी की थी. इसी बात से वकील नाराज थे और बदला लेने के लिए मौके की तलाश में थे.
घात लगाकर किया हमला
घटना उस वक्त हुई जब दारोगा मिथिलेश प्रजापति और कुछ सिपाही एक आरोपी को लेकर कोर्ट परिसर पहुंचे थे. वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे वकीलों ने उन पर हमला बोल दिया. उन्होंने दारोगा पर लात-घूंसों की बरसात कर दी, जिससे वह बुरी तरह जख्मी होकर वहीं गिर पड़े.
वाराणसी कहचहरी परिसर में सब इंस्पेक्टर मिथलेश प्रजापति को पीटते वकीलों के समूह का CCTV सामने आया !!
दरोगा की हालत गंभीर, ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी
10 नामजद, 50 अज्ञात वकीलों पर हुई FIR https://t.co/aKCICwFekW pic.twitter.com/l6S2d7oNo6
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) September 17, 2025
दारोगा की हालत गंभीर, BHU ट्रामा सेंटर में भर्ती
हमले के बाद किसी तरह बीच-बचाव करके घायल दारोगा को पहले दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उनकी हालत की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत BHU ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है.
कोर्ट में तनाव, PAC तैनात
इस घटना की खबर फैलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. जिले के आला पुलिस अधिकारी कई थानों की फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए PAC (प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी) को भी बुलाना पड़ा.
पुलिस अधिकारियों ने वकीलों से कोर्ट परिसर खाली करने की अपील की. बनारस बार और सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया. जिले के डीआईजी और जिलाधिकारी ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, जिसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ.
हालांकि, अभी भी कोर्ट परिसर में तनाव बना हुआ है और सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल और PAC की तैनाती की गई है.













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