मुंबई: महाराष्ट्र की महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना' के लाभार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में मकर संक्रांति (15 जनवरी) से पहले ₹3000 की राशि जमा की जा सकती है. यह राशि दिसंबर और जनवरी महीने की भेजी जाएगी.
बकाया किस्तों का इंतजार होगा खत्म
योजना के तहत अब तक लाभार्थियों को 17वीं किस्त (तकनीकी गणना के अनुसार) तक का लाभ मिल चुका है, हालांकि, प्रशासनिक कारणों और चुनाव के बाद की प्रक्रियाओं की वजह से दिसंबर की किस्त में कुछ देरी हुई थी. सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब दिसंबर और जनवरी की राशि एक साथ भेजने की तैयारी कर रही है, ताकि त्योहार से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल सके. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Update: मकर संक्रांति पर ‘लाडली बहनों’ को मिल सकता है ₹3000 का डबल तोहफा; दिसंबर-जनवरी की किस्त पर बड़ा अपडेट
बिना E-KYC वालों को लग सकता है झटका
योजना का लाभ जारी रखने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी (E-KYC) अनिवार्य कर दी है. जिन महिलाओं ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें इस बार भुगतान से वंचित रहना पड़ सकता है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बैंक खाते का आधार से लिंक होना और केवाईसी अपडेट होना अनिवार्य है. यदि यह प्रक्रिया अधूरी है, तो किस्त रोक दी जाएगी. हालांकि सरकार की तरफ से ताते 31 दिसंबर की तारीख बीत गई है. ऐसे बड़ी संख्या अमे वे महिलाये जिन्होंने अपना E-KYC नहीं करवाया है. व काफी चिंता में हैं.
'बोगस' लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन को कई ऐसे आवेदन मिले हैं जो योजना की शर्तों को पूरा नहीं करते या फर्जी पाए गए हैं, सरकार ने ऐसे 'बोगस' नामों को सूची से हटाने के निर्देश दिए हैं। इन खातों में भविष्य में कोई भी राशि जमा नहीं की जाएगी और अपात्र पाए जाने पर पिछली किस्तों की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है,
भुगतान में देरी के मुख्य कारण
कई महिलाएं इस बात को लेकर चिंतित थीं कि पिछले महीने पैसा खाते में क्यों नहीं आया। अधिकारियों के अनुसार, लाभार्थियों के डेटा का पुन: सत्यापन, कुछ क्षेत्रों में तकनीकी अपडेट और बजट आवंटन की प्रक्रिया के चलते किस्तों में देरी हुई है. अब इन तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया गया है.
योजना की पात्रता और लाभ
बता दें कि इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को प्रति माह ₹1500 दिए जाते हैं, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है. वर्तमान में राज्य की करोड़ों महिलाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं, जिसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.













QuickLY