FACT CHECK: एनडी तिवारी के भाई नहीं, अपने पिता के साथ हैं सुप्रिया श्रीनेत; फर्जी अफेयर के दावे को कांग्रेस प्रवक्ता ने किया खारिज
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी तस्वीरें और दावे वायरल होते रहते हैं, जिनकी सच्चाई बिल्कुल अलग होती है. हाल ही में कांग्रेस नेता और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Congress spokesperson Supriya Shrinet) के साथ भी ऐसा ही मामला हुआ.
Supriya Shrinate Debunks Fake Affair Claim: सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी तस्वीरें और दावे वायरल होते रहते हैं, जिनकी सच्चाई बिल्कुल अलग होती है. हाल ही में कांग्रेस नेता और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Congress spokesperson Supriya Shrinet) के साथ भी ऐसा ही मामला हुआ. 'एक्स' (Twitter) पर एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें उनके बारे में झूठा दावा फैलाया गया. दरअसल, एक यूजर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि यह सुप्रिया श्रीनेत और रमेश चंद्र तिवारी (Ramesh Chandra Tiwari) हैं और दोनों के बीच प्रेम संबंधों के किस्से लंबे समय से चर्चा में हैं.
इस पोस्ट को हजारों लोगों ने देखा और कई यूजर्स ने इसे और फैलाना शुरू कर दिया. बता दें, जो की पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी (ND Tiwari) के भाई की है.
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सुप्रिया श्रीनेत और रमेश चंद्र तिवारी के बीच अफेयर का दावा वायरल
Fact Check: सुप्रिया श्रीनेत ने फर्जी प्रेम संबंध के दावे को खारिज किया
लेकिन पड़ताल करने पर पता चला कि वायरल दावा पूरी तरह से झूठा है. हकीकत यह है कि तस्वीर में सुप्रिया श्रीनेत अपने पिता के साथ दिख रही हैं, रमेश चंद्र तिवारी के साथ नहीं. सुप्रिया श्रीनेत ने खुद इस भ्रामक पोस्ट का करारा जवाब दिया. उन्होंने पोस्ट करने वाले यूजर को चेतावनी देते हुए लिखा, "मेरे पिता के साथ वाली तस्वीर को लेकर आप बकवास कर रहे हैं. इस पोस्ट को तुरंत हटाएं और माफी मांगें, वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. आपको इसके परिणाम भुगतने होंगे."
सुप्रिया श्रीनेत ने वायरल तस्वीर के बारे में गलत सूचना पर स्पष्टीकरण दिया
सुप्रिया श्रीनेत की अक्टूबर 2020 की अपने पिता के बारे में पोस्ट
अफेयर की कहानी पूरी तरह से मनगढ़ंत
फैक्ट चेक में यह भी पता चला कि सुप्रिया श्रीनेत ने खुद अक्टूबर 2024 में यह तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी. उस समय उन्होंने अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए इसे पोस्ट किया था और लिखा था, "इससे बड़ा कोई गर्व की बात नहीं है कि मैं आपकी बेटी हूं पापा. आपको परलोक गए चार साल हो गए हैं, लेकिन आपकी हंसी आज भी मेरे कानों में गूंजती है."
यानी साफ है कि वायरल की जा रही अफेयर की कहानी पूरी तरह से मनगढ़ंत है और एक सम्मानित राजनीतिक हस्ती की छवि को धूमिल करने की कोशिश है.
फर्जी सूचनाओं को शेयर करने से बचें
सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं और अफवाहों का तेजी से फैलना कोई नई बात नहीं है. ऐसे में किसी भी पोस्ट या तस्वीर (Fake News) पर विश्वास करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करना जरूरी है.
सुप्रिया श्रीनेत के मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि फर्जी खबरें फैलाने वालों पर राजनेताओं और आम लोगों, दोनों की ओर से कानूनी कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है.