Punch The Monkey Viral Video: अनाथ बंदर और उसके खिलौने के प्यार ने जीता दुनिया का दिल, इकेया (IKEA) का 'ओरंगुटान' टॉय दुनिया भर में आउट ऑफ स्टॉक
जंगलस्कॉग ओरंगुटान खिलौना (Photo Credits: X/@IKEASpain)

Punch the Monkey Viral Video: इंटरनेट पर इन दिनों सात महीने के एक जापानी मकाक (बंदर) 'पंच' (Punch) की कहानी लोगों की आंखों में आंसू ला रही है. जुलाई 2025 में जन्म के तुरंत बाद अपनी मां द्वारा छोड़ दिए गए पंच को सहारा देने के लिए इचिकावा सिटी ज़ू (Ichikawa City Zoo) के रखवालों ने उसे इकेया (IKEA) का एक 'जंकलस्कॉग' ओरंगुटान (DJUNGELSKOG Orangutan) खिलौना दिया था. पंच का अपनी इस 'बनावटी मां' (जिसे फैंस 'ओरान-मामा' कह रहे हैं) से लिपटे रहने का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर करोड़ों बार देखा जा चुका है. इस वीडियो का असर इतना जबरदस्त रहा कि जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर सहित कई देशों में यह खिलौना पूरी तरह से 'आउट ऑफ स्टॉक' (Out of Stock) हो गया है. यह भी पढ़ें: Punch the Monkey Viral Video: इचिकावा जू के नन्हे बंदर 'पंच' की भावुक कर देने वाली कहानी

'पंच इफेक्ट': खिलौनों की कमी और भारी मांग

टिकटॉक और एक्स (X) पर वीडियो वायरल होने के कुछ ही दिनों के भीतर इकेया के कई स्टोर से यह 66 सेमी का ओरंगुटान खिलौना गायब हो गया. सिंगापुर में बड़े खिलौने खत्म होने के बाद अब केवल 20 सेमी वाले छोटे संस्करण ही कहीं-कहीं उपलब्ध हैं.

खिलौने की कमी का फायदा उठाते हुए रीसेल मार्केट भी सक्रिय हो गया है. ई-बे (eBay) जैसी साइटों पर यह खिलौना 350 अमेरिकी डॉलर (लगभग 29,000 रुपये) तक में बिक रहा है, जो इसकी असली कीमत से 1600% अधिक है.

पंच द मंकी वायरल वीडियो

खिलौना नहीं, पंच की 'सुरक्षा कवच' है यह

चिड़ियाघर के अधिकारियों के अनुसार, यह खिलौना पंच के लिए केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि उसकी मानसिक सुरक्षा का आधार है. जब भी 'मंकी माउंटेन' पर अन्य बड़े बंदर पंच को दुत्कारते हैं, तो वह दौड़कर अपने इस खिलौने के पास आ जाता है और उससे लिपटकर सुकून पाता है.

हाल ही में इकेया जापान ने पंच और उसके जैसे अन्य जानवरों की मदद के लिए चिड़ियाघर को इन खिलौनों की 'लाइफटाइम सप्लाई' दान करने का फैसला किया है.

'कांटेक्ट कम्फर्ट' का विज्ञान

पशु कल्याण विशेषज्ञों का कहना है कि पंच का इस खिलौने से लगाव 'कांटेक्ट कम्फर्ट' (Contact Comfort) की जैविक जरूरत पर आधारित है. मनोवैज्ञानिक हैरी हारलो द्वारा दिए गए इस सिद्धांत के अनुसार, बंदरों जैसे प्राइमेट्स को अपनी मां के स्पर्श की सहज जरूरत होती है.

  • बनावट: इस खिलौने के लंबे बाल और वेल्क्रो वाले हाथ पंच को अपनी मां की शारीरिक मौजूदगी का अहसास कराते हैं.
  • तनाव में कमी: इससे बंदर के शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम होता है और वह सामाजिक अलगाव के तनाव को बेहतर ढंग से झेल पाता है.
  • सीखने में मदद: खिलौने के पकड़ने लायक हाथ पंच को पकड़ बनाने के कौशल (Motor Skills) विकसित करने में मदद कर रहे हैं, जो वह प्राकृतिक रूप से अपनी मां के साथ रहकर सीखता.

चिड़ियाघर ने अपडेट दिया है कि पंच अन्य बंदरों से डांट खाने के बावजूद हार नहीं मानता. वह अपने खिलौने के पास जाकर 'रिकवर' होता है और फिर से अपने साथियों से संवाद करने की कोशिश करता है.