मुंबई: अगर आप गूगल (Google) पर 'पंच द मंकी' (Punch the Monkey) सर्च करते हैं, तो आपकी स्क्रीन पर एक बेहद प्यारा सरप्राइज (Surprise) दिखाई देगा. सर्च बटन दबाते ही स्क्रीन पर ऊपर से रंग-बिरंगे एनिमेटेड दिलों (Colorful Animated Hearts) की बारिश होने लगती है. गूगल का यह खास जेस्चर एक वायरल बेबी मंकी 'पंच' (Punch) को समर्पित है, जिसकी संघर्ष और प्रेम की कहानी ने पिछले कुछ समय से पूरी दुनिया को भावुक कर दिया है. यह भी पढ़ें: Punch The Monkey Viral Video: अनाथ बंदर और उसके खिलौने के प्यार ने जीता दुनिया का दिल, इकेया (IKEA) का 'ओरंगुटान' टॉय दुनिया भर में आउट ऑफ स्टॉक
कौन है पंच? (Panchi-kun)
पंच, जिसे जापान में 'पांची-कुन' (Panchi-kun) के नाम से भी जाना जाता है, एक जापानी मकाक (Japanese Macaque) है. उसका जन्म जुलाई 2025 में जापान के इचिकावा सिटी चिड़ियाघर (Ichikawa City Zoo) में हुआ था. जन्म के कुछ ही समय बाद उसकी मां ने उसे छोड़ दिया था, जिसके बाद चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली.
गूगल ने खास अंदाज में लुटाया प्यार
गूगल द्वारा सर्च रिजल्ट में दिलों की बारिश का एनीमेशन इसी जुड़ाव को दर्शाता है. यह एनीमेशन इस बात का जश्न मनाता है कि कैसे एक नन्हे जीव की कहानी ने दुनिया भर के लोगों को एकजुट किया. इस जेस्चर के बाद से ही 'Punch the Monkey' सर्च टर्म में भारी उछाल देखा गया है.
गूगल सर्च पर 'पंच द मंकी' लिखते ही बरसने लगे दिल

खिलौने के साथ वायरल हुई तस्वीरें
अकेलेपन और मां की कमी को दूर करने के लिए चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने पंच को एक छोटा सा 'ओरंगुटन' जैसा दिखने वाला सॉफ्ट टॉय (प्लश टॉय) दिया. जल्द ही इस नन्हे बंदर और उसके खिलौने की तस्वीरें सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर वायरल हो गई.
वीडियो में पंच को अपने उस खिलौने से कसकर लिपटे हुए, उसे साथ लेकर चलते हुए और उसी के साथ सोते हुए देखा गया. यह दृश्य मासूमियत और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया. सोशल मीडिया पर #keepgoingPunch हैशटैग ट्रेंड करने लगा और लाखों लोग उसके ठीक होने की दुआ करने लगे. यह भी पढ़ें: Punch the Monkey Viral Video: इचिकावा जू के नन्हे बंदर 'पंच' की भावुक कर देने वाली कहानी
अब कैसा है पंच? (ताजा अपडेट)
फरवरी 2026 तक चिड़ियाघर से मिले ताजा अपडेट के अनुसार, पंच अब पूरी तरह स्वस्थ है. वह धीरे-धीरे आत्मनिर्भर हो रहा है और अब उसे हर समय अपने खिलौने की जरूरत नहीं पड़ती. सबसे अच्छी खबर यह है कि उसे चिड़ियाघर के अन्य बंदरों के समूह (Troop) के साथ सफलतापूर्वक मिला दिया गया है, जहां वह अब अपने साथियों के साथ रहना सीख रहा है.
पंच की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि करुणा और जुड़ाव का महत्व केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु जगत में भी इसकी उतनी ही अहमियत है.












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