Payal Gaming वायरल वीडियो असली है या डीपफेक? ‘MMS लीक’ विवाद पर गेमर पायल धारे का बयान, बोलीं– ‘वह मैं नहीं हूं’
पायल धारे उर्फ ​​पायल गेमिंग की फाइल फोटो (Photo Credits: Instagram)

मुंबई, 17 दिसंबर: मशहूर गेमर और यूट्यूबर पायल धारे (YouTuber Payal Dhare), जिन्हें Payal Gaming के नाम से जाना जाता है, उन्होंने बुधवार, 17 दिसंबर को एक वायरल वीडियो (Viral Video) से जुड़े विवाद पर अपना बयान जारी किया. अपने बयान में उन्होंने इस स्थिति को लेकर गहरी पीड़ा व्यक्त की और स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे कंटेंट से उनका कोई संबंध नहीं है. दरअसल, कई लोगों का मानना है कि AI की मदद से बनाया गया यह एक डीपफेक वीडियो (Deep Fake) है और पायल धारे ने भी बयान जारी करके कहा है इस वीडियो में नजर आने वाली व्यक्ति वो नहीं हैं.

Payal Gaming ने लिखा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इतनी निजी और परेशान करने वाली बात पर सार्वजनिक रूप से बोलना पड़ेगा. पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन ऐसा कंटेंट फैलाया जा रहा है, जिसमें झूठे तौर पर मेरे नाम और मेरी तस्वीर को एक ऐसे वीडियो से जोड़ा जा रहा है, जो इस समय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर घूम रहा है. मैं यह बात बिल्कुल साफ और बिना किसी भ्रम के कहना चाहती हूं: उस वीडियो में दिखाई देने वाली व्यक्ति मैं नहीं हूं और उसका मेरी जिंदगी, मेरे फैसलों या मेरी पहचान से कोई लेना-देना नहीं है. यह भी पढ़ें: Payal Gaming Viral Video Real or Fake? पायल गेमिंग का वीडियो वायरल, फैंस बोले- यह डीपफेक है

वीडियो विवाद के बाद पायल गेमिंग ने जारी किया बयान 

 

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Payal Gaming वीडियो विवाद

यह विवाद तब शुरू हुआ जब हाल ही में एक छोटा और निजी वीडियो एक्स पर वायरल हो गया. कई अप्रमाणित अकाउंट्स ने इस कथित वीडियो को पायल धारे से जोड़ना शुरू कर दिया. कथित MMS वीडियो क्लिप को लेकर उसकी असलियत पर भी बहस छिड़ गई है और कई लोग इसे AI डीपफेक बता रहे हैं.

धारे के फैंस पहले भी उनके बचाव में आए थे, और वायरल वीडियो को उनकी इज्जत खराब करने की एक बुरी कोशिश बताया था. X पर कई पोस्ट में दावा किया गया कि क्लिप को गेमर जैसा दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल करके मैनिपुलेट किया गया था.

डीपफेक का बढ़ता खतरा

डीपफेक टेक्नोलॉजी के बढ़ने से भारतीय क्रिएटर इकॉनमी में एक ‘डर का माहौल’ बन गया है, खासकर महिला इन्फ्लुएंसर्स और जानी-मानी हस्तियों को बिना सहमति के, बहुत ज्यादा असली दिखने वाले कंटेंट के जरिए निशाना बनाया जा रहा है. रश्मिका मंदाना, आलिया भट्ट और पायल गेमिंग जैसे गेमिंग क्रिएटर्स से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों ने यह दिखाया है कि AI का इस्तेमाल ‘न्यूड बनाने’, बदनामी करने और फाइनेंशियल स्कैम के लिए कितनी आसानी से किया जा सकता है.