OFW Viral Video Controversy: सऊदी अरब में 'क्रॉप टॉप' पहनकर टहलना दो महिला कर्मियों को पड़ा भारी; वीडियो वायरल होने के बाद कानूनी बहस छिड़ी

सऊदी अरब के रियाद में दो विदेशी महिला कामगारों (OFW) का 'क्रॉप टॉप' पहनकर सार्वजनिक स्थान पर टहलने का वीडियो दोबारा वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने देश के सख्त 'सार्वजनिक शालीनता कानून' और प्रवासियों के लिए इसके जोखिमों पर एक नई बहस छेड़ दी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो क्रेडिट: Pexels)

रियाद: सऊदी अरब (Saudi Arabia) की राजधानी रियाद (Riyadh) के बथा जिले (Batha District) का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर फिर से चर्चा का विषय बन गया है. इस वीडियो में दो विदेशी महिला कर्मियों (Overseas Filipino Workers) को सार्वजनिक स्थान पर 'क्रॉप टॉप' पहनकर टहलते हुए देखा जा सकता है. यह पहनावा सऊदी अरब के स्थापित सार्वजनिक शालीनता नियमों (Public Decency Regulations) के विपरीत माना जा रहा है.  टिकटॉक और फेसबुक पर 'बथा क्वीन्स' के नाम से मशहूर हो रहे इस वीडियो ने वैश्विक स्तर पर प्रवासी समुदायों के बीच चिंता बढ़ा दी है. विवाद के बीच, 'OFW वायरल', 'OFW वायरल वीडियो' और 'वायरल OFW' जैसे शब्दों को ऑनलाइन बड़े पैमाने पर सर्च किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Kanwal Aftab Viral Video Controversy: पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर कंवल आफताब का कथित 'MMS' वीडियो विवाद, डीपफेक और डिजिटल प्राइवेसी पर छिड़ी बहस

क्या है वायरल वीडियो का मामला?

यह वीडियो मूल रूप से नवंबर 2025 में सामने आया था, जिसमें दो महिलाएं रियाद मेट्रो स्टेशन और बथा मार्केट के पास आत्मविश्वास के साथ टहलती नजर आ रही हैं. वे इलेक्ट्रॉन बिल्डिंग और अल फुताह की सड़कों पर सोशल मीडिया कंटेंट के लिए पोज़ देती भी दिखती हैं. हालांकि कुछ नेटिज़न्स ने उनके आत्मविश्वास की प्रशंसा की, लेकिन प्रवासी समुदाय के एक बड़े हिस्से ने इसे "हराम" या प्रतिबंधित पहनावा बताते हुए चिंता जताई है कि इससे कानूनन कार्रवाई हो सकती है.

सऊदी अरब का सार्वजनिक शालीनता कानून

सऊदी अरब ने 'विज़न 2030' के तहत काफी आधुनिकीकरण किया है और महिलाओं के लिए अबाया की अनिवार्यता हटा दी है, लेकिन 'सार्वजनिक शालीनता कानून 2019' अभी भी लागू है.  2026 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर पहनावा निम्नलिखित होना चाहिए:

नियमों के उल्लंघन पर पहली बार में 500 SAR (लगभग 115 USD) का जुर्माना लगता है, जो दोबारा गलती करने पर दोगुना हो जाता है. विदेशी कामगारों के लिए यह और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि इससे अनुबंध की समाप्ति या निर्वासन (Deportation) तक की नौबत आ सकती है.

सोशल मीडिया और प्रवासियों के लिए जोखिम

यह घटना मध्य पूर्व में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए सोशल मीडिया के खतरों को उजागर करती है. फिलीपीन प्रवासी श्रमिक विभाग (DMW) ने बार-बार सलाह दी है कि प्रवासियों को मेजबान देश की परंपराओं और कानूनों के प्रति सचेत रहना चाहिए. पूर्व की घटनाओं से पता चला है कि "हल्के-फुल्के" अंदाज में बनाए गए वीडियो भी यदि राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक नैतिकता के विरुद्ध पाए जाते हैं, तो पुलिस पूछताछ और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकते हैं. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat Video Download Link Scam: अशोक खरात वीडियो डाउनलोड लिंक स्कैम से रहें सावधान, डीपफेक के जरिए डेटा चोरी कर रहे हैं जालसाज

दूतावास की सलाह

8 अप्रैल तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय अधिकारी इस ट्रेंडिंग कंटेंट से अवगत हैं. रियाद स्थित फिलीपीन दूतावास ने सभी नागरिकों से 'सार्वजनिक शालीनता चार्टर' का पालन करने का आग्रह किया है ताकि उनकी सुरक्षा और रोजगार सुरक्षित रहे.

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