Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक ट्रक से दूध सड़क पर बहाते हुए दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये हरिद्वार के कांवड़िये हैं, जिन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान एक दूधवाले से हुए झगड़े के बाद गुस्से में दूध फेंक दिया. इस वीडियो को कई यूट्यूब और फेसबुक यूजर्स ने शेयर किया और इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई. लेकिन जब इस वायरल दावे की पड़ताल की गई तो सच्चाई कुछ और ही निकली. जांच में पाया गया कि यह वीडियो गुजरात के साबरकांठा जिले का है, जहां हाल ही में दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर दुग्ध उत्पादकों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था.
Facebook पर शेयर किया गया भ्रामक वीडियो
Youtube पर भी शेयर किया गया भ्रामक वीडियो

फर्जी दावे का ऐसे हुआ खुलासा
दरअसल, यह घटना 20 जुलाई की है जब गुजरात में पशुपालकों और दूध किसानों ने सड़कों पर उतरकर हजारों लीटर दूध बहाकर विरोध जताया था. पंजाब केसरी हरियाणा के आधिकारिक फेसबुक पेज पर 20 जुलाई को इस वीडियो को पोस्ट किया गया था और बताया गया था कि यह किसान आंदोलन का हिस्सा है.
ABP न्यूज की एक रिपोर्ट से भी पता चला कि साबरकांठा जिले में सावर डेयरी के खिलाफ प्रदर्शन हुआ. किसानों का आरोप है कि उनकी लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन दूध के दाम जस के तस हैं. पुलिस ने इस मामले में करीब 1000 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और 47 को गिरफ्तार भी किया गया है.
केरल कांग्रेस ने भी दी जानकारी
इसके अलावा, कांग्रेस के केरल यूनिट ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट कर जानकारी दी कि गुजरात में कई जगहों पर पशुपालकों ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर सड़कों पर दूध बहाया. इस पूरी जांच के बाद साफ हो गया है कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से किसानों के आर्थिक हक और दूध के मूल्य में बढ़ोतरी की मांग से जुड़ा है.
वायरल वीडियो का कांवड़ यात्रा या कांवड़ियों से कोई लेना-देना नहीं है, जिसे सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है.
वीडियो शेयर करने से पहले सच्चाई जांचें
सोशल मीडिया यूजर्स को सलाह है कि इस तरह की संवेदनशील वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें, क्योंकि झूठ फैलाने से समाज में गलतफहमी और तनाव पैदा हो सकता है.











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