CJI Orders CBI Action Against Modi Govt Fact Check: सरकारी एजेंसी PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने के लिए यूट्यूब चैनल 'VishalYadavNews' के खिलाफ अलर्ट जारी किया है. दरअसल, इस चैनल पर कई मनगढ़ंत खबरें शेयर की गई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि भारत सरकार ने संविधान की प्रस्तावना से 'सोशलिस्ट' और 'सेक्युलर'
शब्दों को हटाने का फैसला किया है. दूसरे वीडियो में कहा गया कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सरकार के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. वहीं एक अन्य वीडियो में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने कहा है कि वह राष्ट्रपति को आदेश दे सकते हैं.
सरकारी एजेंसी PIB Fact Check ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी करार दिया है. PIB ने साफ किया है कि यह सभी खबरें झूठी हैं और इसका कोई आधिकारिक आधार नहीं है.
क्या संविधान की प्रस्तावना से 'सोशलिस्ट' और 'सेक्युलर' शब्द हटाया जाएगा?
क्या सरकार संविधान की प्रस्तावना से 'सोशलिस्ट' और 'सेक्युलर' शब्द हटाएगी?
यू-ट्यूब चैनल 'VishalYadavNews' के एक वीडियो में दावा किया गया है कि सरकार ने संविधान की प्रस्तावना से 'सोशलिस्ट' और 'सेक्युलर' शब्द हटाने का फैसला लिया है
✅ यह दावा #फर्जी है
✅ भारत… pic.twitter.com/egTJ3cfoJD
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 4, 2025
क्या CJI ने CBI को सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया?
यू- ट्यूब चैनल "VishalYadavNews" के एक वीडियो में दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने कहा है कि वे राष्ट्रपति को आदेश दे सकते हैं। #PIBFactCheck
❌ यह दावा फर्जी हैं।
✅ मुख्य न्यायाधीश द्वारा ऐसा कोई हालिया बयान नहीं दिया गया है।
▶️ कृपया सतर्क… pic.twitter.com/dkpEj1Ab7V
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 4, 2025
फर्जी खबरें फैला रहा यूट्यूब चैनल
इतना ही नहीं, उसी यूट्यूब चैनल पर एक और वीडियो वायरल है जिसमें दावा किया गया है कि देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सरकार के खिलाफ CBI जांच के आदेश दिए हैं. PIB ने इस खबर को भी झूठा बताया है. CJI ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है.
तीसरे दावे में यह कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रपति को आदेश देने की बात कह चुके हैं, जो पूरी तरह बेबुनियाद और फर्जी है. CJI की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं आया है.
अफवाहों पर विश्वास न करें
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैर-सरकारी या अज्ञात स्रोतों से फैलाई गई अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि अवश्य करें.













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