HJU Student Snubbing University Administration Video: जयपुर में दीक्षांत समारोह बना विवाद का मंच, छात्रा की टिप्पणी से मचा बवाल, डिप्टी सीएम के सामने छात्रों का विरोध

इस समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी मौजूद थे. उन्होंने अपने संबोधन में डिजिटल युग में सटीकता और नैतिकता के महत्व पर जोर दिया. यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता और समानता कितनी जरूरी है, खासकर तब जब बात छात्रों के सम्मान और भविष्य से जुड़ी हो.

Haridev Joshi University Student Protests Degree Distribution Policy During Convocation in Presence of Deputy CM Prem Chand Bairwa: हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में उस वक्त हंगामा मच गया, जब डिग्री वितरण को लेकर छात्रों ने खुलकर विरोध जताया. कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, लेकिन इसी दौरान एक छात्रा की टिप्पणी ने पूरे आयोजन को विवादों में ला दिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्रा मंच से डिग्री लेते समय कहती सुनाई दी, “बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया”, जिसके बाद माहौल गरमा गया. Hetal Parmar Viral Video: क्या हेतल परमार का वायरल वीडियो असली है? गुजराती इन्फ्लुएंसर ने तोड़ी चुप्पी

डिग्री वितरण नीति पर भड़के छात्र

दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल 12 गोल्ड मेडल विजेताओं को मंच पर डिग्री देने का फैसला किया था, जबकि बाकी 259 छात्रों को अलग काउंटर से डिग्री लेने के निर्देश दिए गए थे. छात्रों ने इस फैसले को भेदभावपूर्ण और अपमानजनक बताया. 

एचजेयू छात्र द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन की अनदेखी का वायरल वीडियो:

प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

समारोह खत्म होने के बाद नाराज छात्रों ने परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया. कुछ छात्र उपमुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे लेट गए और उनका काफिला रोकने की कोशिश की. इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.

डिप्टी सीएम को लौटना पड़ा वापस

स्थिति बिगड़ती देख उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को वापस सभागार में आना पड़ा. उन्होंने छात्रों से बातचीत की और आखिरकार सभी छात्रों को मंच से डिग्री देने की प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई, जिसके बाद मामला शांत हुआ.

कार्यक्रम में मौजूद थे कई बड़े नेता

इस समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी मौजूद थे. उन्होंने अपने संबोधन में डिजिटल युग में सटीकता और नैतिकता के महत्व पर जोर दिया. यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता और समानता कितनी जरूरी है, खासकर तब जब बात छात्रों के सम्मान और भविष्य से जुड़ी हो.

Share Now