FACT CHECK: भारत ने सिंधु जल संधि पर अपने रुख से यू-टर्न ले लिया है? पाकिस्तान समर्थित अकाउंट फैला रहे झूठ, जानें सच्चाई
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Indus Water Treaty Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ पाकिस्तान समर्थित प्रोपेगेंडा अकाउंट यह दावा कर रहे हैं कि भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर अपना रुख बदल लिया है. इन अकाउंट्स के मुताबिक, भारत ने इस मामले में नरमी दिखाई है और संधि पर अपना फैसला वापस ले लिया है. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत का रुख सिंधु जल संधि को लेकर पहले जैसा ही है.

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सिंधु जल संधि पर भारत के यू-टर्न की अफवाह

 

यहां है सच्चाई

यू-टर्न वाले दावे पूरी तरह मनगढ़ंत

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट (The Times of India, The Economic Times और

Tribune India)  से पता चला कि सिंधु जल संधि को फिलहाल निलंबित (abeyance) रखने का निर्णय बरकरार है और इस पर कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय (International Court of Arbitration) के हस्तक्षेप के अधिकार को भी पूरी तरह खारिज कर दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के मौके पर अपने भाषण में साफ-साफ कहा था कि भारत अपने इस निर्णय पर मजबूती से कायम रहेगा और किसी भी दबाव में अपना रुख नहीं बदलेगा. यह बयान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे यू-टर्न वाले दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं.

लोगों में भ्रम फैलाना मकसद

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के झूठे दावे भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान समर्थित नैरेटिव को मजबूत करने के लिए फैलाए जाते हैं. इनका मकसद लोगों के बीच भ्रम पैदा करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना है.

क्या निकला निष्कर्ष?

फैक्ट चेक से साफ है कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने न तो कोई फैसला बदला है और न ही कोई नरमी दिखाई है. नागरिकों से अपील है कि किसी भी तरह की संवेदनशील खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें.