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Fact Check: पुरी में रथ यात्रा के दौरान रथ के नीचे नमाज़ पढ़ रही महिला का वीडियो वायरल? जानें फर्जी खबर का सच

एक महिला पुलिस स्वयंसेवक द्वारा एक बड़े लकड़ी के रथ के नीचे घुटनों के बल बैठी एक महिला को खींचकर ले जाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दावों के साथ वायरल हो रहा है कि वह ओडिशा के पुरी में वार्षिक रथ यात्रा के दौरान नमाज़ पढ़ रही थी. हालांकि क्लिप में नमाज़ पढ़ते हुए स्पष्ट रूप से नहीं दिखाया गया है..

Fact Check: पुरी में रथ यात्रा के दौरान रथ के नीचे नमाज़ पढ़ रही महिला का वीडियो वायरल? जानें फर्जी खबर का सच
फेक न्यूज (Photo: X|@erbmjha)

एक महिला पुलिस स्वयंसेवक द्वारा एक बड़े लकड़ी के रथ के नीचे घुटनों के बल बैठी एक महिला को खींचकर ले जाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दावों के साथ वायरल हो रहा है कि वह ओडिशा के पुरी में वार्षिक रथ यात्रा के दौरान नमाज़ पढ़ रही थी. हालांकि क्लिप में नमाज़ पढ़ते हुए स्पष्ट रूप से नहीं दिखाया गया है, लेकिन बैग्राउंड में किसी को यह पूछते हुए सुना जा सकता है, "नमाज़ पोरछे नाकी?" (क्या वे नमाज़ पढ़ रहे हैं?) सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि वीडियो में दो व्यक्ति जगन्नाथ के पवित्र रथ के नीचे नमाज़ पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, और ऐसा जानबूझकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का अनादर करने और त्योहार की पवित्रता को धूमिल करने के लिए किया गया है. 2 जुलाई को, एक एक्स यूज़र बाला (@erbmjha) ने यह फुटेज शेयर करते हुए इसे ईशनिंदा बताया. उन्होंने ओडिशा पुलिस को भी टैग करते हुए उनकी गिरफ़्तारी की मांग की. यह भी पढ़ें: Fact Check: 'महागठबंधन के प्रोटेस्ट में पप्पू यादव का हुआ अपमान, फूट-फूट कर रोए'? पुराना VIDEO वायरल कर फैलाई जा रही है अफवाह, जानें सच्चाई

वायरल फर्जी वीडियो

वायरल फर्जी पोस्ट

फैक्ट चेक

ध्यान से देखने पर, हमें पता चला कि वायरल वीडियो पर "ख़बरदार लाइव" वॉटरमार्क लगा हुआ था. फिर हमें खबरदार लाइव का फ़ेसबुक पेज मिला, जो खुद को ओडिशा स्थित एक स्थानीय समाचार और मीडिया वेबसाइट बताता है. इस पेज पर हमें 28 जून, 2025 को पोस्ट किए गए वायरल वीडियो का एक लंबा संस्करण मिला. ओड़िया में कैप्शन में लिखा है, "पुलिस जगन्नाथ के रथ के नीचे महिलाओं को क्यों ले आई?"

इस वीडियो में, 1:22वें मिनट पर, पुलिस द्वारा घसीटी जा रही महिला को विरोध करते हुए सुना जा सकता है, "ये क्या तरीका है?" वह कहती है. इस पर, पास में खड़ा एक आदमी जवाब देता है कि जगन्नाथ देवता की मूर्ति को जल्द ही रथ की सीढ़ियों से ऊपर ले जाया जाएगा, और उसके लिए लोगों को रथ के नीचे बैठने की अनुमति नहीं है. फिर महिला जवाब देती है, "लेकिन हमको यहां पर बिठा के गए थे, भैया.. रथ के नीचे अभी भी घुटनों के बल बैठे अन्य लोगों की ओर इशारा करते हुए, वह कहती है, "वो भी तो वहीं खड़े हैं" यह भी पढ़ें: FACT CHECK: रेलवे ट्रैक पर सोलर पैनल लगा रही भारत सरकार? सोशल मीडिया पर वायरल दावा निकला फर्जी, जानें सच्चाई

इससे यह स्पष्ट हो गया कि महिला वहां पर विद्रोही भाव से नहीं बैठी थी, बल्कि ऐसा प्रतीत हुआ कि उसकी उपस्थिति के संबंध में कुछ गलतफहमी थी.

इसके अलावा, आमतौर पर नमाज़ के दौरान मुसलमान अपना सिर ढकते हैं और चटाई का इस्तेमाल करते हैं, जो यहां नहीं था, निश्चित रूप से, हमने यह बात इस्लामी नमाज़ों से परिचित किसी व्यक्ति से पूछी, और उन्होंने भी हमें बताया कि नमाज़ के दौरान महिलाओं के लिए सिर ढकना एक पारंपरिक नियम है, और उनके बैठने का तरीका—पैरों को क्रॉस करके—नमाज़ के लिए निर्धारित आसन से मेल नहीं खाता. उन्होंने यह भी बताया कि कोई चटाई दिखाई नहीं दे रही थी, जिससे यह संभावना कम हो जाती है कि वह नमाज़ पढ़ रही थीं.

पुरी की एक वरिष्ठ पत्रकार जो इस घटना से वाकिफ़ थीं. उन्होंने प्रसारित हो रहे सांप्रदायिक बयान का खंडन करते हुए कहा कि ये लोग सिर्फ़ जगन्नाथ की मूर्ति की एक झलक पाने के लिए घुटनों के बल बैठे थे. ओडिशा पुलिस के मंदिर सुरक्षा प्रभारी कौशिक नायक से कथित वीडियो के बारे में पूछे जाने पर, नायक ने कहा, "ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है."

वीडियो में दिखाई दे रही महिला हिन्दू है और भगवान् की जगन्नाथ भक्त है. इन सभी निष्कर्षों को मिलाकर, यह स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो में भीड़भाड़ वाली रथ यात्रा के दौरान एक हिंदू महिला रथ के नीचे बैठी दिखाई दे रही है, न कि नमाज़ अदा करती हुई, जैसा कि सोशल मीडिया यूज़र्स ने ग़लत दावा किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2025 03:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).