Bihar Kosi River Bridge Collapse Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुल गिरते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि बिहार में सुपौल और मधुबनी के बीच कोसी नदी पर बन रहा 1200 करोड़ का पुल ढह गया है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इस हादसे में कई मज़दूर दब गए और कुछ की मौत हो गई. कई लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे ताज़ा हादसा बताया है. लेकिन क्या वाकई यह घटना अभी की है? हमारी पड़ताल में सामने आई कुछ अलग ही सच्चाई.
बिहार में पुल गिरने का भ्रामक वीडियो वायरल
#बिहार में गिरा एक और पुल !
बिहार में सुपौल-मधुबनी के बीच कोसी नदी पर 1200 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुल गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया. हादसे में कई श्रमिकों दबे, कई
घायल. कुछ की मौत की आशंका. राहत एवं बचाव कार्य जारी... pic.twitter.com/yQKpDHa2Zl
— 𝐓𝐡𝐞 𝐓𝐞𝐥𝐞𝐜𝐚𝐬𝐭 𝐍𝐞𝐰𝐬 (@TheTelecastUP) July 28, 2025
एक साल पुराना है वायरल VIDEO
दरअसल, वायरल हो रहा यह वीडियो नया नहीं बल्कि मार्च 2024 का है. इस वीडियो की पुष्टि उस वक्त की प्रमुख न्यूज एजेंसी ANI और टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी की थी. 22 मार्च 2024 को सुपौल जिले में भेजा-बकौर के पास मरीचा गांव के पास कोसी नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा उस समय गिर गया था जब वहां क्रेन से स्लैब उठाने का काम चल रहा था.
इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे. राज्य सरकार ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान भी किया था. साथ ही हादसे की जांच के आदेश भी दिए गए थे.
बिना पुष्टि के शेयर किया जा रहा VIDEO
इस पुल को सुपौल और मधुबनी जिले को जोड़ने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है और इसकी लागत करीब 1200 करोड़ रुपए है. लेकिन इस तरह के गंभीर हादसे ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए थे.
अब जब यह पुराना वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है तो लोग इसे ताजा घटना मानकर भ्रमित हो रहे हैं. कई 'एक्स' यूजर्स जैसे कि @vrajandersingh_, BharatiSbs9937 और @RajivPandey_ ने इसे बिना पुष्टि के शेयर कर दिया. कुछ ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार पुल गिरने की घटनाएं भ्रष्टाचार का नतीजा हैं.
कोई नई घटना बताना पूरी तरह भ्रामक
फैक्ट चेक के आधार पर साफ है कि यह वीडियो नया नहीं है. मार्च 2024 का है. इसे वर्तमान में हुई कोई नई घटना बताना पूरी तरह से भ्रामक है.
सोशल मीडिया पर किसी भी वायरल वीडियो या जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि ज़रूर कर लेनी चाहिए, ताकि फेक न्यूज फैलने से रोका जा सके.













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