Fact Check: एक सर्वे के मुताबिक, देश की 87% जनता PM मोदी को सत्ता से हटाना चाहती है? जानें वायरल दावे का असली सच
सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक सर्वे में 87% जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की इच्छा जताई है.
87% People Want PM Modi Out Fact Check: सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक सर्वे में 87% जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की इच्छा जताई है. इस ग्राफिक को शेयर करते हुए कुछ यूजर्स ने लिखा है, 'क्या आप भी इस 87% में शामिल हैं?' इस दावे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. लेकिन क्या वाकई ऐसा कोई सर्वे हुआ है? क्या सच में 87% लोग मोदी सरकार से नाराज हैं? आइए इस दावे की पड़ताल करते हैं.
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87% जनता मोदी को सत्ता से हटाना चाहती है?
एक सर्वे के मुताबिक 87% जनता मोदी को सत्ता से हटाना चाहती है क्या आप भी उस 87% में शामिल हो ? pic.twitter.com/KRYugX6AfU
— Tejashwi Yadav (@TejashwiYdvRJD) July 27, 2025
क्यों वायरल हुआ FAKE ग्रैफिक्स?
दरअसल, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के एक पैरोडी 'एक्स' अकाउंट से रविवार को यह ग्रैफिक्स शेयर किया गया. जिसमें लिखा था, 'एक सर्वे के मुताबिक 87% जनता मोदी को सत्ता से हटाना चाहती है क्या आप भी उस 87% में शामिल हो?' यही ग्रैफिक्स महाराष्ट्र विधानमंडल के सेवानिवृत्त उप-सचिव बाबूलाल नामदेव बागुल ने भी इसी दावे के साथ एक्स पर शेयर किया.
इसके अलावा एक्स यूजर @garvirawat, @sujeetKharwar08 और @Infinity01world भी यही ग्राफिक शेयर करते हुए लोगों से राय मांगी. हालांकि, इस ग्राफिक में यह नहीं बताया गया कि सर्वे किस संस्था ने किया, कब किया, और कितने लोगों से राय ली गई.
फैक्ट चेक में क्या निकला?
जब इस दावे की पड़ताल की गई तो हमें ऐसा कोई भी विश्वसनीय सर्वे या रिपोर्ट नहीं मिली जो दिखाए कि प्रधानमंत्री मोदी की डिसएप्रूवल रेटिंग 87% तक पहुंच गई है. इसके उलट, हमें मई 2020 की एक रिपोर्ट मिली, जिसे नवभारत टाइम्स ने प्रकाशित किया था. इस रिपोर्ट में लिखा था कि मल्टीनेशनल रिसर्च फर्म Ipsos ने एक सर्वे किया था जिसमें शहरी भारत के 87% लोगों ने कोविड-19 से निपटने में मोदी सरकार के प्रयासों की तारीफ की थी.
Ipsos इंडिया के CEO ने उस समय बताया था कि भारत सरकार ने समय रहते लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाए और लोगों ने इसे सराहा. इस सर्वे का मौजूदा वायरल ग्राफिक से कोई लेना-देना नहीं है.
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा भ्रामक है. "87% जनता मोदी को हटाना चाहती है" यह दावा फर्जी है क्योंकि ऐसा कोई भी विश्वसनीय या आधिकारिक सर्वे मौजूद नहीं है.
जाहिर है कि पुराने डाटा को तोड़-मरोड़कर गलत दावे फैलाए जा रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि किसी भी खबर या ग्राफिक पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई ज़रूर जांच लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2025 12:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

