हर वर्ष 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है, यह एक ऐसा दिवस है जो हमें इस छोटे मगर भयावह बीमारियां फैलाने जीव की गंभीरता को समझने का अवसर देता है. मच्छर केवल भनभनाने वाले मामूली जीव नहीं, बल्कि विश्व की सबसे घातक बीमारियों के वाहक हैं, उनकी वजह से लाखों लोग हर साल बीमार पड़ते हैं, जिसकी वजह से तमाम मौतें होती हैं. विश्व मच्छर दिवस का मुख्य उद्देश्य मच्छरों द्वारा जनित भयावह बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना और मच्छरों की रोकथाम के विभिन्न उपायों पर ध्यान केंद्रित करना है. विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर आइये जानते हैं, इस छोटे मगर बड़ी चुनौतियां देने वाले जीव इंसान के लिए कितने घातक साबित हो सकते हैं.
मच्छरों से फैलने वाली मुख्य बीमारियां
मलेरिया (Malaria)- मलेरिया एक जानलेवा बीमारी हो सकती है, जो प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होती है. साल 2023 की विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में मलेरिया के अनुमानित 24 करोड़ मामले दर्ज हुए, जिसमें करीब 6 लाख 2 हजार मौतें हुईं, जहां तक भारत की बात है साल 2023 में 4 लाख 50 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए, लेकिन मृत्यु दर में अपेक्षाकृत गिरावट आई थी. यह बीमारी संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है. इसके मुख्य लक्षणों में प्रमुख हैं, बुखार, कंपकंपी, ठंड लगना, पसीना, सिरदर्द और थकान शामिल हैं. डॉक्टरों के अनुसार अगर मलेरिया का उचित और समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो मरीज के लिए घातक (लकवा अथवा मृत्यु) साबित हो सकता है.
डेंगू (Dengue): डेंगू बुखार एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है, जो डेंगू वायरस के कारण होती है. यह मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है. डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, और त्वचा पर लाल चकत्ते प्लेटलेट्स में गंभीर रूप से गिरावट शामिल हैं. गंभीर मामलों में, डेंगू रक्तस्रावी बुखार या डेंगू शॉक सिंड्रोम हो सकता है, जो जानलेवा हो सकता है, इसलिए समय रहते इसका इलाज करवा लेना चाहिए.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की साल 2023 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हर वर्ष लगभग 40 करोड़ से ज्यादा लोग डेंगू से संक्रमित होते हैं. इसी रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में हर वर्ष 40 करोड़ लोग संक्रमित होते हैं
चिकनगुनिया (Chikungunya): चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है. इसे चिकनगुनिया वायरस रोग या चिकनगुनिया बुखार भी कहा जाता है. यह बीमारी संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से फैलती है. भारत में बरसात के मौसम में यह बीमारी ज्यादा फैलती है. इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि पड़ जाते हैं, यह जानलेवा तो नहीं मगर इससे उत्पन्न जोड़ों का दर्द काफी गंभीर हो सकता है, जिसका सालों इलाज चलता है.
जीका वायरस (Zika Virus) जीका वायरस मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस मच्छरों के काटने से फैलता है. ये मच्छर अमूमन दिन (सुबह एवं शाम) काटते हैं. यह वायरस यौन संपर्क, रक्त के जरिये और गर्भावस्था के दौरान माँ से बच्चे में भी फ़ैल सकता है. जीका वायरस के मुख्य लक्षणों में बुखार,दाने,जोड़ों में दर्द,मांसपेशियों में दर्द और कंजक्टिवाइटिस शामिल हैं. 2 से 7 दिनों तक ये लक्षण होते हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान जीका वायरस का संक्रमण बच्चे और मां दोनों के लिए गंभीर हालात पैदा कर सकता है, इसलिए समय रहते इसका इलाज करवा लेना चाहिए. इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है मच्छरों के काटने से बचना. इसलिए मच्छरदानी का उपयोग, शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनना और मच्छर भगाने वाली दवाइयों का उपयोग जरूर करना चाहिए.













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