Aaj 18 November ka Panchang: आज ‘सौभाग्य सुंदरी तीज’ एवं ‘संकष्टी चतुर्थी’! जानें आज की तिथि, शुभ-अशुभ काल एवं राहुकाल की स्थिति!
पंचांग वस्तुतः हिंदू तिथि का ऐसा कैलेंडर है, जो ब्रह्माण्ड के पांच अंगों (तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार) से मिल कर बना है, इसलिए इसे पंचांग कहते हैं.
Aaj 18 November ka Panchang: पंचांग वस्तुतः हिंदू तिथि का ऐसा कैलेंडर है, जो ब्रह्माण्ड के पांच अंगों (तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार) से मिल कर बना है, इसलिए इसे पंचांग कहते हैं. सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार शुभ अथवा मंगल कार्य शुरू करने से पूर्व फलदायक परिणाम के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाना अनिवार्य है, क्योंकि शुभ मुहूर्त में किये गये कार्य अवश्य सफल होते हैं.
हिंदू पंचांग में महीनों को चंद्रमा के घटने-बढ़ने के आधार पर दो पक्षों में बांटा गया है, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष. इसके अंतर्गत एक दिन को तिथि कहते हैं, जो 19 से 24 घंटे के दरमियान की हो सकती है. इसके इस्तेमाल से जातक को शुभ तिथि, शुभ योग और अशुभ काल में ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है, ताकि हम अपने कार्य का अधिकतम लाभ उठा सकें. आइये जानते हैं कि 18 नवंबर 2024, सोमवार के विभिन्न ग्रह-नक्षत्रों, शुभ-अशुभ घड़ी एवं राहुकाल की स्थिति के बारे में.
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया, पिंगल संवत्सर विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946 (क्रोधी संवत्सर), कार्तिक तृतीया तिथि 06.56 PM तक उपरांत चतुर्थी. नक्षत्र म्रृगशीर्षा 03.49 PM तक उपरांत आद्रा. सिद्ध योग 05.21 PM तक, उसके बाद साध्य योग. करण वणिज 07.56 AM तक, बाद विष्टि 06.56 PM तक, बाद बव 06.06 AM तक, बाद बालव. आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें. इस दिशा में दिशा शूल रहेगा. आइए जानें अब आज का पूरा पंचांग.
18 नवम्बर 2024 (सोमवार) को राहु 08.08 AM से 09.29 AM तक है. चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा.
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 06.46 AM
सूर्यास्त: 05.37 PM
चन्द्रोदय: 07.55 PM (18 नवंबर 2024)
चन्द्रास्तः 10.16 AM (19 नवंबर 2024)
अग्निवासः आकाश
दिशा शूलः पूर्व दिशा में
शिव वास क्रीड़ा में
आज 18 नवंबर 2024, सोमवार का पंचांग
| तिथि | कार्तिक तृतीया तिथि 06.56 PM तक उपरांत चतुर्थी. |
| पक्ष | कृष्ण |
| वार | सोमवार |
| नक्षत्र | नक्षत्र म्रृगशीर्षा 03.49 PM तक उपरांत आद्रा. |
| योग | शिव योग 08.21 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग |
| राहुकाल | 04.06 PM से 05.26 PM |
| सूर्योदय-सूर्यास्त | 06.46 AM से 05.37 PM |
| चंद्रोदय-चंद्रास्त | 07.55 PM - 18 नवंबर (16 नवंबर, 2024) |
| दिशा शूल | पूर्व दिशा |
| चंद्रमा राशि | चन्द्रमा मिथुन राशि पर |
| सूर्य राशि | वृश्चिक राशि में |
शुभ मुहूर्त, 18 नवंबर 2024
| ब्रह्म मुहूर्त | 05.00 AM से 05.53 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11.45 AM से 12:27 PM |
| गोधुलि बेला | 05.26 PM से 05:53 PM |
| निशिता काल | 11.40 PM से 12:33 AM (19 नवम्बर) |
| अमृत काल | 07.35 AM से 09.05 AM |
| विजय मुहूर्त | 01.53 PM से 02.36 PM |
ब्रह्म मुहूर्त: 05.00 AM से 05.53 AM
अभिजित मुहूर्त: 11.45 AM से 12.27 PM
विजय मुहूर्त: 01.53 PM से 02.35 PM
गोधूलि मुहूर्त: 05.26 PM से 05.53 PM
अमृत काल: 02.27 PM से 03.55 PM
निशिता मुहूर्त: 11.40 PM से 12:33 AM (18 नवम्बर)
द्विपुष्कर योग: 05.22 PM से 09.06 PM
अशुभ कालः
राहूः 08.08 AM – 09.29 AM
यम गण्डः 10.50 AM – 12.12 PM
कुलिकः 01.33 PM – 02.54 PM
दुर्मुहूर्त: 12.33 PM – 01.17 PM, & 02.43 PM – 03.27 PM
वर्ज्यम् 11.54 PM – 01.26 AM
त्यौहार और व्रत
सौभाग्य सुंदरी तीज एवं संकष्टी गणेश चतुर्थी मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष की तृतीया को 'सौभाग्य सुंदरी तीज' व्रत रखा जाता है. इस दिन सुहागन महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल के लिए व्रत रखती है, और देवी पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार आज 18 नवंबर 2024 की सायंकाल 06.55 मिनट से चतुर्थी शुरू हो जाएगी, जो 19 नवंबर 2024 को 05.28 PM पर समाप्त होगी. इसलिए आज संकष्टि चतुर्थी का व्रत एवं पूजा भी सम्पन्न होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2024 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

