Krishna Jayanti 2022 Wishes: श्री कृष्ण जयंती पर ये हिंदी विशेज HD Wallpapers और GIF Images के जरिए भेजकर दें बधाई
अष्टमी रोहिणी (Ashtami Rohini) या श्री कृष्ण जयंती (Krishna Jayanti 2022) भगवान कृष्ण के अवतार का उत्सव है और इस प्रकार यह दिन भगवान कृष्ण को समर्पित है. अष्टमी रोहिणी को कृष्ण जयंती, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जन्माष्टमी, जन्माष्टमी, नंदोत्सव आदि भी कहा जाता है. दक्षिण भारतीय राज्य केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश 18 अगस्त को श्री कृष्ण जयंती मना रहे हैं, हालांकि उत्तर भारत में जन्माष्टमी 18 अगस्त, 2022 गुरुवार को मनाई जा रही है...
Krishna Jayanti 2022 Wishes: अष्टमी रोहिणी (Ashtami Rohini) या श्री कृष्ण जयंती (Krishna Jayanti 2022) भगवान कृष्ण के अवतार का उत्सव है और इस प्रकार यह दिन भगवान कृष्ण को समर्पित है. अष्टमी रोहिणी को कृष्ण जयंती, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जन्माष्टमी, जन्माष्टमी, नंदोत्सव आदि भी कहा जाता है. दक्षिण भारतीय राज्य केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश 18 अगस्त को श्री कृष्ण जयंती मना रहे हैं, हालांकि उत्तर भारत में जन्माष्टमी 18 अगस्त, 2022 गुरुवार को मनाई जा रही है. भले ही कृष्ण जन्माष्टमी 18 अगस्त को पड़ रही है, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली राज्यों ने 19 अगस्त को अवकाश घोषित किया है. तेलंगाना में 20 अगस्त को छुट्टी है. यह भी पढ़ें: Krishna Janmashtami 2022 Wishes: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
'जन्म' का अर्थ है जन्म और 'अष्टमी' का अर्थ है आठवां. भगवान कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार थे, जिसमें उनका जन्म आठवीं तिथि को वासुदेव और यशोदा के आठवें पुत्र के रूप में हुआ था. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र के तहत अष्टमी तिथि (8 वें दिन) की मध्यरात्रि में हुआ था. भगवान कृष्ण के जन्म का महीना अमांता कैलेंडर के अनुसार श्रवण और पूर्णिमांत कैलेंडर में भाद्रपद है. यह अंग्रेजी कैलेंडर पर अगस्त-सितंबर के महीनों के अनुरूप है और सटीक तिथि चंद्र चक्र पर निर्भर करती है.
1. आपको और आपके परिवार को
कृष्ण जयंती की शुभकामनाएं

2. हाथी घोड़ा पालकी
जय कन्हैया लाल की
कृष्ण जयंती की शुभकामनाएं

3. हरे कृष्ण, हरे मुरारी,
पूजा करे इनकी दुनिया सारी,
कृष्ण जयंती की शुभकामनाएं

4. कृष्ण जयंती की शुभकामनाएं

5 कृष्ण जयंती 2022

गुजरात में इस दिन को द्वारका शहर में स्थित द्वारकाधीश मंदिर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है, जहां भगवान कृष्ण राज करते थे. जम्मू में इस दिन पतंगबाजी का आयोजन किया जाता है. मणिपुर में भी, कृष्ण जयंती राज्य की राजधानी इम्फाल में इस्कॉन मंदिर में मनाया जाता है. पूर्वी भारत में, जन्माष्टमी के बाद अगले दिन नंद उत्सव मनाया जाता है, जिसमें दिन भर उपवास रखने और मध्यरात्रि में भगवान को विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ चढ़ाने की विशेषता होती है, इस प्रकार उनके जन्म का जश्न मनाया जाता है.
ओडिशा के पुरी और पश्चिम बंगाल के नवद्वीप में महत्वपूर्ण पूजाएं आयोजित की जाती हैं. दक्षिणी भारत में, महिलाएं अपने घरों को आटे से बने छोटे पैरों के निशान से सजाती हैं, जो मक्खन चुराते हुए कृष्ण के जीवन का प्रतिनिधित्व करते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2022 07:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

