International Mother’s Day 2024: कब है अंतरराष्ट्रीय मातृत्व दिवस? जानें इसका इतिहास एवं महत्व!
‘माँ’ दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है. माँ और बच्चे का रिश्ता अन्य सभी रिश्तों में महान होता है, क्योंकि उनके बीच यह रिश्ता नौ माह पूर्व गर्भ में ही शुरू हो जाता है. माँ का प्रेम, समर्पण, और त्याग ही मातृत्व दिवस का मूल स्वरूप है, जिसे पिछले कई सालों से मई के दूसरे रविवार को मनाया जा रहा है.
‘माँ’ दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है. माँ और बच्चे का रिश्ता अन्य सभी रिश्तों में महान होता है, क्योंकि उनके बीच यह रिश्ता नौ माह पूर्व गर्भ में ही शुरू हो जाता है. माँ का प्रेम, समर्पण, और त्याग ही मातृत्व दिवस का मूल स्वरूप है, जिसे पिछले कई सालों से मई के दूसरे रविवार को मनाया जा रहा है. वर्तमान में सौ से अधिक देशों में मदर्स डे अपनी-अपनी संस्कृतियों के अनुरूप मनाया जाता है. इस वर्ष मई के दूसरे रविवार यानी 12 मई 2024 को मातृत्व दिवस मनाया जायेगा. आइये जानते हैं इस पवित्र दिवस के इतिहास, महत्व, एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में विस्तार से.. यह भी पढ़ें: Gujarat Day 2024: चार सालों के खूनी संघर्ष के बाद गुजरात को मिली पहचान! जानें आंदोलनों से उपजे गुजरात की कहानी!
अंतर्राष्ट्रीय मदर्स डे का इतिहास
मदर्स डे का इतिहास काफी प्राचीन और रोचक है. इसके पीछे तमाम कथाएं प्रचलित हैं.
* एक प्रसिद्ध कवि और शांति कार्यकर्ता जूलिया वार्ड होवे ने बोस्टन में छिड़े युद्ध में शांति हेतु ‘मातृ दिवस’ की स्थापना की, जिसमें युद्ध को रोकने और सामाजिक सद्भाव बढ़ाने में मां की भूमिका की वकालत की गई.
* मान्यता है कि प्राचीन काल में मां के प्रति सम्मान दर्शाने हेतु उनकी पूजा ग्रीस में प्रारंभ हुई थी. लोगों का मानना है कि उस समय लोग ग्रीस देवताओं की मां की पूजा करते थे. हालांकि, यह प्रमाणित नहीं है.
* एक अन्य कथा के अनुसार एना जार्विस अपनी माँ को बहुत प्यार करती थी. उनके निधन के पश्चात उनके प्रति सम्मान और प्यार दर्शाने के लिए एना ने 1905 में पहली बार मदर्स डे मनाया था. एना के इस पहल को कई सालों तक लोगों ने फॉलो किया.
* लंबे अंतराल पर साल 1914 के आसपास मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाने की घोषणा हुई. ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार पहली बार मदर्स डे अमेरिका में मनाया गया था.
* ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार साल 1905 में अमेरिकी मूल की महिला एना जार्विस ने अपनी माँ की मृत्यु के पश्चात पहली बार मदर्स डे मनाया था.
मदर्स डे का महत्व
‘अंतर्राष्ट्रीय मदर्स डे’ को माँ के प्यार और समर्पण को एक उत्सव रूप में मनाया जाता है. माँ जो अपने बच्चों की परवरिश और परिवार में योगदान के लिए हर पल त्याग के लिए तत्पर रहती है. मातृत्व दिवस माताओं को उनके बिना शर्त प्यार, केयरिंग, देखभाल और मार्गदर्शन के लिए कृतज्ञता और सम्मान दिखाना है.
यह हमारे जीवन को आकार देने में मां की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करने, उनके अटूट समर्थन और प्रोत्साहन के लिए हमारी सराहना व्यक्त करने का दिन है. इस दिन दुनिया भर में लोग भिन्न-भिन्न तरीके से ‘अंतर्राष्ट्रीय मदर्स डे’ मनाते हैं. उदाहरण के लिए माँ को पुष्प गुच्छ, बधाई कार्ड, गिफ्ट, पिकनिक तथा सिनेमा आदि के लिए लेकर थियेटर जाना आदि है. वे बड़े खुशनसीब होते हैं, जिन्हें माँ की सेवा करने का अवसर मिलता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2024 12:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

