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Immunity Booster: इम्यूनिटी बढ़ाने में कितनी कारगर हैं विटामिन्स की गोलियां? जानें क्या कहते Experts

देश में कोरोना संक्रमितों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. इस महामारी की दवा इजाद करने में दुनिया भर के वैज्ञानिक फिलहाल फेल साबित हुए हैं. आज भी हम मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की टास्क तक ही सीमित हैं.

Immunity Booster: इम्यूनिटी बढ़ाने में कितनी कारगर हैं विटामिन्स की गोलियां? जानें क्या कहते Experts
विटामिन्स ( photo credit : pixabay )

विटामिन्स की गोलियां: देश में कोरोना संक्रमितों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. इस महामारी की दवा इजाद करने में दुनिया भर के वैज्ञानिक फिलहाल फेल साबित हुए हैं. आज भी हम मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) की टास्क तक ही सीमित हैं. इम्युनिटी बढ़ाने वाली तमाम विटामिन्स की गोलियों, काढ़ों एवं चिकित्सकों द्वारा बताये अन्य उपचारों के बावजूद संक्रमितों की मृत्यु दर पर लगाम नहीं लग पा रहा है. लिहाजा अब तो इम्युनिटी बढ़ाने वाली विटामिन्स की गोलियों से भी लोगों का विश्वास उठता जा रहा है! क्या वाकई मल्टी विटामिन्स की गोलियां इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर होती हैं? इस संदर्भ में कुछ चिकित्सकों से हमारी बात होती है.

कब लें विटामिन्स की गोलियां

जब से कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ा है, चिकित्सकों द्वारा सुझाये विटामिन्स एवं मल्टी विटामिन्स की गोलियों का उपयोग बढ़ गया है. चिकित्सकों का कहना है कि कुछ विटामिन्स की गोलियों के सेवन से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति (Immunity Power) बढ़ती है, जो कोरोना के संक्रमण को कमजोर करती हैं. यानी अगर शरीर की इम्युनिटी मजबूत होगी तो व्यक्ति किसी भी बीमारी से लड़ने में सक्षम होता है. इस संदर्भ में गुड़गांव के प्राइवेट अस्पताल के फीजीशियन डॉ वीरेंद्र गुप्ता (Dr. Virendra Gupta) बताते हैं, -कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा उन्हें होता है, जो पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त होते हैं. इसमें बड़ी बीमारियों से लेकर मधुमेह, लो या हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत वाले मरीज भी हो सकते हैं. अगर ऐसे मरीज कोरोना संक्रमित होते हैं तो उन्हें विटामिन्सयुक्त खाद्य पदार्थों के साथ–साथ विटामिन्स की गोलियां भी लेने की सलाह दी जाती है ताकि वायरस से लड़ने के लिए उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाई जा सके. क्योंकि विटामिन्स की गोलियां तत्काल असर दिखाती हैं. ऐसे कोरोना संक्रमितों को महज विटामिन्स युक्त खाद्य-पदार्थों तक सिमित रखने का जोखिम हम नहीं उठा सकते.

दवा एवं विटामिन्स के एक तय समय के भीतर सेवन से मरीज की इम्युनिटी जब सुरक्षित लेबल तक पहुंच जाती है, तब हम विटामिन्स की गोलियां बंद करवा देते हैं. क्योंकि तब तक मरीज का शरीर खाद्य पदार्थों से प्रयाप्त मात्रा में इम्युनिटी निर्माण करने में सक्षम हो चुका होता है. हम हर स्वस्थ व्यक्ति को भी यही सलाह देंगे कि वे अपनी दिनचर्या में सिर्फ प्राकृतिक स्त्रोतों को ही शामिल करें, क्योंकि किसकी इम्युनिटी कब घट-बढ़ जाती है, पता नहीं चलता.

ऐसे में नुकसान पहुंचा सकती हैं विटामिन्स की गोलियां

मुंबई में प्राइवेट क्लिनिक चला रहे डॉक्टर रितेश जैन बताते हैं, कोरोना संक्रमित व्यक्ति को उनकी प्रतिरोधक क्षमता के अनुसार ही विटामिन्स की गोलियां या कैपसूल दी जाती है, किसी भी पेशेंट को जरूरत से ज्यादा विटामिन्स की गोलियां बढ़ाने से वे युरिन के साथ बाहर निकल जाती हैं, जो मरीज के लिए अच्छी नहीं कही जा सकती. इसलिए हम उन्हें विटामिन्स की अतिरिक्त गोलियां नहीं देते. मैं मरीज के प्रियजनों से अनुरोध करूंगा कि बिना किसी चिकित्सक का सुझाव लिए विटामिन्स अथवा मल्टी विटामिन्स की गोलियां मरीज को नहीं दें. ये फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती हैं. अलबत्ता कोरोना संक्रमण की इस घड़ी में हर स्वस्थ व्यक्ति को विटामिन्स युक्त खाद्य-पदार्थों का नियमित एवं पर्याप्त मात्रा में सेवन करना चाहिए, ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक शक्ति बनी रहे.

इम्युनिटी बढ़ाने वाले विटामिन्स युक्त खाद्य पदार्थ

ताजे फलों, हरी सब्जियों एवं विभिन्न अनाजों में प्रचुर मात्रा में विभिन्न किस्म के विटामिन्स होते हैं, जिनके सेवन से व्यक्ति के शरीर को विटामिन्स मिलती है. यहां डॉक्टर जैन एक बार फिर आगाह करते हैं कि ज्यादा विटामिन्स के लालच में किसी भी फल, सब्जी अथवा अनाज के अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए. ये नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.

विटामिन-C आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विटामिन C का बड़ा योगदान होता है. इसके लिए संतरा‚ स्ट्रॉबेरी‚ किन्नु‚ मौसमी‚ ब्रोकली‚ शिमला मिर्च और पालक का उपयोग नियमित रूप से करें. यह भी पढ़ें : COVID-19 Vaccination: कोरोना वैक्सीनेशन के लिए CoWin App पर पहले ही दिन 1.32 करोड़ से अधिक लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन

विटामिन-D, शरीर में मिलने वाला ‘कैल्सीट्रिऑल' विटामिन D का सक्रिय रूप होता है. सुबह-सवेरे खिली धूप में वॉकिंग करने से शरीर में विटामिन D का निर्माण होता है. इसके अलावा यह मछलियों में भी पाया जाता है. विटामिन D से हमारे से शरीर को कैल्शियम मिलता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है. यह भी पढ़ें : Covid Vaccine: कोविड वैक्सीन की एक खुराक से संक्रमण के फैलने का खतरा कुछ हद तक होता है कम : शोध

विटामिन-E, इसमें कुछ एंटी–ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को विभिन्न संक्रमणों से लड़ने एवं एलर्जी से बचाने की शक्ति देते हैं. इसके लिए नट्स एवं विभिन्न किस्मों के बीज वाले खाद्य-पदार्थों का सेवन करना चाहिए. इसके अलावा ब्रोकली, पत्ती वाली सब्जियां‚ दूध‚ मक्खन‚ वनस्पति तेल‚ अखरोट और बादाम में भी विटामिन E प्रचुर मात्रा में होती है.

विटामिन B-6, इसमें भी विभिन्न किस्म के बॉयोकेमिकल रिएक्शंस होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं. इसके लिए मांसाहार लेने वाले चिकन‚ अंडा और सालमन फिश का सेवन कर सकते हैं, लेकिन मांसाहारी खाद्य पदार्थों को 100 डिग्री के तापमान पर ही पकाकर खाना चाहिए. शाकाहारी लोग सोयाबीन‚ चना‚ दूध और आलू का सेवन कर इस विटामिन B-6 की कमी पूरी कर सकते हैं.

नोट- इस लेख में दी गई सेहत से जुड़ी तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसे किसी बीमारी के इलाज या फिर चिकित्सा सलाह के लिए प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए और लेख में बताए गए टिप्स पूरी तरह से कारगर होंगे इसका हम कोई दावा नहीं करते हैं, इसलिए लेख में दिए गए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2021 10:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).