Type 1.5 Diabetes: क्या है टाइप 1.5 डायबिटीज? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

डायबिटीज को आमतौर पर टाइप 1 और टाइप 2 में बांटा जाता है, लेकिन डायबिटीज का एक और प्रकार भी है, जिसे टाइप 1.5 डायबिटीज कहा जाता है. यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली बीटा सेल्स पर हमला करता है.

Representational Image | Pixabay

Type 1.5 Diabetes: डायबिटीज को आमतौर पर टाइप 1 और टाइप 2 में बांटा जाता है, लेकिन डायबिटीज का एक और प्रकार भी है, जिसे टाइप 1.5 डायबिटीज कहा जाता है. यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली बीटा सेल्स पर हमला करता है. यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और इसके लक्षण टाइप 2 डायबिटीज से मिलते-जुलते होते हैं.

क्या Aspirin कैंसर को फैलने से रोक सकती है? नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा.

टाइप 1.5 डायबिटीज को समझना और सही समय पर इसका इलाज करना बेहद जरूरी है. यह टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज का मिश्रण है, जो धीरे-धीरे शरीर पर असर डालता है. आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है.

विटामिन B12 की कमी होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये लक्षण, जानिए सेहत के लिए क्यों है यह बेहद जरूरी.

क्या है टाइप 1.5 डायबिटीज?

टाइप 1.5 डायबिटीज को लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज इन एडल्ट्स (LADA) भी कहा जाता है. यह टाइप 1 और टाइप 2 दोनों डायबिटीज का मिश्रण है. इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से इंसुलिन बनाने वाली पैनक्रियाटिक सेल्स को नष्ट कर देती है. इस वजह से धीरे-धीरे इंसुलिन का उत्पादन कम होता जाता है और व्यक्ति को ब्लड शुगर कंट्रोल करने में परेशानी होती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी टाइप 1 की तरह ऑटोइम्यून होती है लेकिन इसके लक्षण टाइप 2 डायबिटीज की तरह धीरे-धीरे विकसित होते हैं. इसलिए, टाइप 1.5 डायबिटीज को पहचानना मुश्किल हो सकता है.

टाइप 1.5 डायबिटीज के कारण

अभी तक टाइप 1.5 डायबिटीज के सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इसके पीछे जेनेटिक और पर्यावरणीय कारणों का योगदान हो सकता है.

टाइप 1.5 डायबिटीज के लक्षण

टाइप 1.5 डायबिटीज के शुरुआती लक्षण टाइप 2 डायबिटीज से मिलते-जुलते हो सकते हैं, लेकिन यह धीरे-धीरे गंभीर हो जाती है.

अगर सही समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह डायबिटिक केटोएसिडोसिस (DKA) जैसी खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है, जिसमें ब्लड में एसिड का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है.

कैसे होती है टाइप 1.5 डायबिटीज की पहचान?

टाइप 1.5 डायबिटीज का पता लगाने के लिए कई मेडिकल टेस्ट किए जाते हैं:

टाइप 1.5 डायबिटीज का इलाज

टाइप 1.5 डायबिटीज का इलाज टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के बीच का मिश्रण होता है. इसके मरीजों को शुरुआत में टाइप 2 की तरह दवाएं दी जा सकती हैं, लेकिन धीरे-धीरे इंसुलिन थेरेपी की जरूरत पड़ने लगती है. शुरुआत में इंसुलिन की जरूरत नहीं होती, लेकिन समय के साथ इसकी आवश्यकता बढ़ जाती है. ओरल मेडिकेशन से शुरुआत की जा सकती है, लेकिन जैसे-जैसे बीटा सेल्स नष्ट होती हैं, इंसुलिन लेना जरूरी हो जाता है.

डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव से मिलेगा फायदा

सही खानपान, नियमित व्यायाम और समय पर दवा लेने से इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है. यदि आपको डायबिटीज के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और समय पर टेस्ट कराएं.

Share Now

\