International Stuttering Awareness Day 2019: अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस आज, जानिए हकलाने की समस्या से निजात पाने का उपाय
अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस 2019 (Photo Credits:File Image)

International Stuttering Awareness Day 2019: हकलाना एक बहुत ही सामान्य समस्या है, जिससे काफी लोग प्रभावित हैं. एक अनुमान के अनुसार, विश्व में करीब 1.5 फीसदी आबादी हकलाने की समस्या से पीड़ित है, जबकि 2 से 5 साल के करीब 5 फीसदी बच्चों में यह समस्या पाई जाती है. इससे पीड़ित व्यक्ति को धारा प्रवाह बोलने में दिक्कत होती है, जिसके कारण उन्हें शर्मिंदगी, भय और झुंझलाहट का एहसास होता है. वैसे तो हकलाना कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन इसका पीड़ित व्यक्ति पर गहरा प्रभाव पड़ता है. ऐसे लोगों की स्थिति से रूबरू कराने और इसका समाधान बताने के लिए दुनिया भर में हर साल 22 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस (International Stuttering Awareness Day) मनाया जाता है. हालांकि इस समस्या का कोई कारगर इलाज नहीं है, लेकिन कुछ उपायों की मदद से इस समस्या में काफी हद तक सुधार लाया जा सकता है.

साल 1998 से हर साल 22 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है. इस दिन का उद्देश्य लोगों में हकलाने की समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. चलिए जानते हैं हकलाने की समस्या के कारण और इससे निजात पाने के कुछ उपाय (Stammering Remedies).

हकलाने की समस्या के कारण

बोलने के अंगों की मांसपेशियों को नियंत्रित करने में असमर्थता, न्यूरोमस्कुलर संबंधित समस्याएं, जीभ और होंठों को चलाने में परेशानी जैसे कई कारणों से हकलाने की समस्या हो सकती है. इसके अलावा इसके मनोवैज्ञानिक कारण भी हो सकते हैं जैसे- बिना हकलाए बोलने में विश्वास खो देना, घृणा, चिंता, उत्तेजना और तनावपूर्ण वातावरण.

1- धीरे-धीरे बोलें

अगर आप हकलाने की समस्या से पीड़ित हैं तो इसे नियंत्रित करने के लिए अपने शब्दों पर ध्यान केंद्रित करें और धीरे-धीरे बोलने की कोशिश करें. नियमित तौर पर ऐसा करने से आप काफी हद तक इस समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं.

2- शब्दों के बीच ठहराव

जब भी आप बोलते हैं तो अपनी जुबान से निकलने वाले शब्दों के बीच ठहराव रखें. इससे व्यक्ति को अपने विचारों को एकत्र करने के साथ-साथ वाणी पर नियंत्रण रखने का समय भी मिल जाता है.

3- इन स्वरों को दोहराएं

हकलाने की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को ए, ई, आई, ओ, यू जैसे स्वरों को जोर और एकदम स्पष्ट तरीके से दोहराएं. जब भी आप इन स्वरों को दोहराएं, हर बार अलग-अलग तरीकों से बोलने की कोशिश करें.

4- बोलने का अभ्यास

तनाव हकलाने की समस्या को बढ़ा देता है, इसलिए तनावमुक्त रहने की कोशिश करें. बोलने के दौरान अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए माता-पिता और करीबी दोस्तों के साथ आरामदायक वातावरण में बोलने का अभ्यास करें. यह भी पढ़ें: World Trauma Day 2019: विकलांगता और मौत का सबसे बड़ा कारण है ट्रॉमा, जानें सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए करना चाहिए किन नियमों का पालन

5- गाना गाएं

हकलाने की समस्या को दूर करने के लिए गाना गाना एक प्रभावी व्यायाम है. इससे पीड़ित व्यक्ति को सांस और स्वर संबंधी मांसपेशियों को बेहतर और नियंत्रित करने में मदद मिलती है. इसके अलावा नाटकीय गतिविधियों में हिस्सा लेने से आत्मविश्वास बढ़ता है और इस समस्या को दूर करने में मदद मिलती है.

6- गहरी सांस लें

गहरी सांस लेने वाले व्यायाम हकलाने की समस्या में प्रभावी असर दिखाते हैं, क्योंकि इससे श्वसन अंगों को मजबूत करने और शरीर में न्यूरोमस्क्युलर तनाव को दूर करने में मदद मिलती है. इसके लिए मुंह से गहरी सांस ले और धीरे-धीरे छोड़ें. इस व्यायाम को लगातार करने से यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है.

नोट- इस लेख में दी गई तमाम जानकारियों को केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसकी वास्तविकता, सटीकता और विशिष्ट परिणाम की हम कोई गारंटी नहीं देते हैं. इसमें दी गई जानकारियों को किसी बीमारी के इलाज या चिकित्सा सलाह के लिए प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए. इस लेख में बताए गए टिप्स  पूरी तरह से कारगर होंगे या नहीं इसका हम कोई दावा नहीं करते है, इसलिए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.