Vishwakarma Puja 2025 Messages: शुभ विश्वकर्मा पूजा! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes, Quotes और GIF Greetings
विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर भगवान विश्वकर्मा को प्रसन्न करने के लिए कारखानों और फैक्ट्रियों में मशीनों व उपकरणों की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से करोबार में बढ़ोत्तरी होती है और आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है. इसके साथ ही इस पर्व की बधाई दी जाती है. ऐसे में इस अवसर पर आप भी इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स और जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए दोस्तों-रिश्तेदारों से शुभ विश्वकर्मा पूजा कह सकते हैं.
Vishwakarma Puja 2025 Messages in Hindi: विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है, जो देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा (Bhagwan Vishwakarma) को समर्पित है. भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का वास्तुकार और शिल्पकार माना जाता है, जिसे हर साल कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, हर साल यह त्योहार 16 या 17 सितंबर को पड़ता है और इस साल 17 सितंबर 2025 को यह पर्व मनाया जा रहा है. भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के सभी यांत्रिक और स्थापत्य कार्यों का जनक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि उन्होंने महादेव का त्रिशूल, सुदर्शन चक्र तथा अन्य देवी-देवताओं के अस्त्र-शस्त्र एवं सोने की लंका, द्वारका में भगवान श्रीकृष्ण के महल, इंद्रदेव के स्वर्गलोक इत्यादि का निर्माण किया था. विश्वकर्मा पूजा का यह त्योहार शिल्पकारों, कारीगरों, इंजीनियरों और मशीनों से जुड़े कार्यस्थलों के लिए खास महत्व रखता है. इस दिन लोग अपने घरों, कार्यालयों, फैक्ट्री में मशीनरी एवं कल-पुर्जों की पूजा करते हैं.
विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर भगवान विश्वकर्मा को प्रसन्न करने के लिए कारखानों और फैक्ट्रियों में मशीनों व उपकरणों की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से करोबार में बढ़ोत्तरी होती है और आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है. इसके साथ ही इस पर्व की बधाई दी जाती है. ऐसे में इस अति पावन अवसर पर आप भी इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स और जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए दोस्तों-रिश्तेदारों से शुभ विश्वकर्मा पूजा कह सकते हैं.





हिंदू धर्म की प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा नव ग्रहों के राजा भगवान सूर्य के ससुर हैं और वे मृत्यु के देवता यमराज व उनकी बहन युमना के नाना हैं. विश्वकर्मा पूजा के दिन पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, फिर फैक्ट्री, कारखाने या वर्कशॉप में पूजा स्थल की साफ-सफाई करें. पूजा स्थल को रंगोली और फूलों से सजाएं, फिर विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा स्थापित करें और धूप-दीप प्रज्जवलित कर उनकी पूजा करें. उन्हें मिष्ठान और फल अर्पित करें, साथ ही मशीनों और औजारों की भी पूजा करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

