Vijayadashami 2025 Sanskrit Wishes: विजयादशम्याः हार्दिक शुभाशयः इन संस्कृत WhatsApp Messages, Shlokas, GIF Greetings को शेयर कर दें बधाई
विजयादशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

Vijayadashami 2025 Sanskrit Wishes: विजयादशमी (Vijayadashami) यानी दशहरे (Dussehra) के पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है, जिसे असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. इस पर्व से जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था, इसलिए इसे दशहरा के तौर पर मनाया जाता है. वहीं इससे जुड़ी दूसरी कथा के अनुसार, इसी तिथि पर देवी दुर्गा (Maa Durga) ने महिषासुर का संहार किया था, इसलिए इसे कई स्थानों पर विजयादशमी के तौर पर मनाया जाता है. कई राज्यों में दशहरा के दिन रावण की पूजा करने का भी विधान है तो कई जगहों पर इस दिन रावण के पुतले का दहन भी किया जाता है. वहीं इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है. इस साल शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हुई थी और विजयादशमी यानी दशहरे का त्योहार 2 अक्टूबर 2025 को मनाया जा रहा है.

लंकापति रावण पर भगवान राम और दुष्ट असुर महिषासुर पर देवी दुर्गा की जीत के पर्व विजयादशमी को देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के इस पर्व की लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं. ऐसे में इस खास अवसर पर आप संस्कृत के इन विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, श्लोक, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों से विजयादशम्याः हार्दिक शुभाशयः कह सकते हैं.

1- भगवान् रामः भवन्तं बलेन साहसेन च सद्धर्मस्य मार्गं अनुसृत्य आशीर्वादं ददातु।
भावार्थ: भगवान राम आपको सद्धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति और साहस प्रदान करें.

विजयादशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

2-धर्मादर्थः प्रभवति धर्मात्प्रभवते सुखम्।
धर्मेण लभते सर्वं धर्मसारमिदं जगत्॥
भावार्थ: धर्म से धन उत्पन्न होता है, और धर्म से सुख उत्पन्न होता है. धर्म से व्यक्ति इस संसार में वह सब कुछ प्राप्त कर लेता है जो धर्म का सार है.

विजयादशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

3- विक्लवो वीर्यहीनो यः स दैवमनुवर्तते।
वीराः संभावितात्मानो न दैवं पर्युपासते॥
भावार्थ: जो कायर और संकोची है, वही भाग्य में मानते हैं. वीर एवं आत्मविश्वासी लोग भाग्य के भरोसे नहीं रहते.

विजयादशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

4- यतो धर्मस्ततो जयः।
भावार्थ: जहां धर्म (अपने कर्तव्यों का पालन) है, वहां विजय है.

विजयादशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

5- रामो विग्रहवान्धर्मः साधुः सत्यपराक्रमः।
भावार्थ: सज्जन एवं पराक्रमी, राम धर्म का मूर्तरूप है.

विजयादशमी 2025 (Photo Credits: File Image)

गौरतलब है कि विजयादशमी यानी दशहरे के इस पर्व को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. कहा जाता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान राम ने लंकापति रावण का संहार करके माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया था, इसलिए इस दिन अधर्म पर धर्म की जीत के तौर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाता है. वहीं इससे जुड़ी अन्य कथा के अनुसार, नौ दिनों तक असुर महिषासुर से भयंकर युद्ध करने के बाद दसवें दिन मां दुर्गा ने उसका संहार कर इस संसार को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी, इसलिए विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है.