Shaban Mubarak 2025 Messages: शाबान मुबारक! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes, Shayaris, Facebook Greetings और Photo SMS
शाबान महीने में शब-ए-बारात का आयोजन होता है और कई इस्लामिक विद्वानों के अनुसार 15वां शाबान साल के सबसे पवित्र रातों में से एक होता है. शाबान, रजब महीने के बाद और रमजान के पवित्र महीने से पहले आता है. इस खास अवसर पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, शायरी, फेसबुक ग्रीटिंग्स और फोटो एसएमएस को भेजकर शाबान मुबारक कह सकते हैं.
Shaban Mubarak 2025 Messages in Hindi: इस्लाम धर्म में रमजान के महीने (Ramzan) का खास महत्व बताया जाता है, लेकिन रजब और रमजान के बीच आने वाला रजब का महीना आने वाले धन्य दिनों के लिए अपने दिल और आत्मा को तैयार करने का सुनहरा मौका प्रदान करता है. बता दें कि शाबान (Shaban) शब्द ‘शाबा’ से आया है, जिसका अर्थ है प्रकट होना या उभरना. यह रजब और रमजान महीने के बीच आता है, इसलिए इसका नामा शाबान रखा गया है. शाबान 1446 की शुरुआत 31 जनवरी 2025 से हो रही है, लेकिन चांद के दीदार के आधार पर इसकी तारीख अलग-अलग हो सकती है. शाबान (Shaban) इस्लामिक चंद्र कैलेंडर यानी हिजरी (Hijri) का आठवां महीना है, जिसे काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, शाबान पैगंबर मोहम्मद का महीना है और इसे रमजान की तैयारी के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण महीना माना जाता है.
शाबान महीने में शब-ए-बारात का आयोजन होता है और कई इस्लामिक विद्वानों के अनुसार 15वां शाबान साल के सबसे पवित्र रातों में से एक होता है. शाबान, रजब महीने के बाद और रमजान के पवित्र महीने से पहले आता है. इस खास अवसर पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, शायरी, फेसबुक ग्रीटिंग्स और फोटो एसएमएस को भेजकर शाबान मुबारक कह सकते हैं.





गौरतलब है कि शाबान महीने की शुरुआत के साथ ही इस्लाम धर्म के सबसे पाक महीने माह-ए-रमजान का काउंटडाउन भी शुरु हो गया है. इस महीने की पहली तारीख से 15 तारीख तक मुस्लिम समुदाय के लोग अपने घरों में मरहूमों के लिए कुरआन की तिलावतें करते हैं और 15वीं शाबान को शब-ए-बारात के तौर पर मनाया जाता है. इस रात लोग अपने मरहूम लोगों के लिए रात भर तिलावतें और नमाज अदा करते हैं, साथ ही अपने गुनाहों की अल्लाह से माफी मांगते हैं. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, शब-ए-बारात की रात अल्लाह लोगों के पूरे साल का हिसाब-किताब तय करते हैं, इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 31, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

