Rama Ekadashi 2025 Wishes: रमा एकादशी के इन भक्तिमय हिंदी WhatsApp Messages, Facebook Greetings, Quotes के जरिए दें शुभकामनाएं
ऐसी मान्यता है कि रमा एकादशी के व्रत से कामधेनु गाय को घर में रखने के समान फल की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं इस व्रत के प्रभाव से आर्थिक संकट भी दूर होता है और व्यक्ति के जीवन में भौतिक सुख-साधनों की कोई कमी नहीं रहती है. ऐसे में इस बेहद पावन अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए अपनों को रमा एकदशी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Rama Ekadashi 2025 Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) को समर्पित एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया जाता है. साल में मनाई जाने वाली सभी एकादशी तिथियों का अलग-अलग महत्व होता है. उसी तरह से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी (Rama Ekadashi) कहा जाता है, जो भगवान विष्णु के शयनकाल यानी चतुर्मास की आखिरी एकादशी होती है. इस साल रमा एकादशी 17 अक्टूबर 2025 को मनाई जा रही है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है. रमा एकदशी धनतेरस से एक या दो दिन पहले पड़ती है. एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन जो भी व्रत रखकर विधि-विधान से श्रीहरि की पूजा करता है, उनके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, साथ ही मृत्यु के बाद उन्हें विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है.
ऐसी मान्यता है कि रमा एकादशी के व्रत से कामधेनु गाय को घर में रखने के समान फल की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं इस व्रत के प्रभाव से आर्थिक संकट भी दूर होता है और व्यक्ति के जीवन में भौतिक सुख-साधनों की कोई कमी नहीं रहती है. ऐसे में इस बेहद पावन अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए अपनों को रमा एकदशी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
रमा एकादशी का व्रत रखने से भक्तों के जीवन में धन-समृद्धि आती है, साथ ही श्रीहरि और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. यही वजह कि जीवन में भौतिक सुखों की प्राप्ति से लेकर मृत्यु के बाद मोक्ष पाने की कामना से इस व्रत को किया जाता है. इस दिन व्रत रखकर श्रीहरि की पूजा करने से ब्रह्म हत्या का दोष भी मिट जाता है. इस दिन एकाक्षी नारियल घर में लाकर उसकी पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं. इस दिन माता लक्ष्मी के रमा स्वरूप के साथ भगवान विष्णु के पूर्णावतार केशव स्वरूप की पूजा की जाती है.