Mokshada Ekadashi 2020 Messages: मोक्षदा एकादशी पर इन भक्तिमय हिंदी WhatsApp Stickers, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें प्रियजनों को शुभकामनाएं
इस साल कोरोना वायरस महामारी के बीच सभी त्योहार मनाए जा रहे हैं. ऐसे में अगर आप अपनों से किसी कारणवश नहीं मिल पा रहे हैं तो उन्हें सोशल मीडिया के जरिए जरूर विश करें. मोक्षदा एकादशी के बेहद पावन अवसर पर आप इन भक्तिमय मैसेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपने प्रियजनों को इस पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Mokshada Ekadashi 2020 Messages in Hindi: एक ओर जहां आज पूरी दुनिया में क्रिसमस का पर्व मनाया जा रहा है तो वहीं हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए भी आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि आज (25 दिसंबर 2020) साल की आखिरी एकादशी मनाई जा रही है, जिसे मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) के नाम से जाना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी का व्रत किया जाता है और इसी दिन गीता जयंती (Geeta Jayanti) भी मनाई जाती है. मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है. इसके साथ ही इस व्रत से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. वैष्णव समुदाय के लोग इस व्रत को बहुत खास मानते हैं.
इस साल कोरोना वायरस महामारी के बीच सभी त्योहार मनाए जा रहे हैं. ऐसे में अगर आप अपनों से किसी कारणवश नहीं मिल पा रहे हैं तो उन्हें सोशल मीडिया के जरिए जरूर विश करें. मोक्षदा एकादशी के बेहद पावन अवसर पर आप इन भक्तिमय मैसेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपने प्रियजनों को इस पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- विष्णु जिनका नाम है,
बैकुंठ जिनका धाम है,
जगत के उस पालनहार को,
हमारा शत-शत प्रणाम है.
मोक्षदा एकादशी की शुभकामनाएं

2- शान्ताकारं भुजगशयनं पद्नानाभं सुरेशं।
विश्वधारं गगनसद्शं मेघवर्णं शुभाड्गमं।
लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं।
वंदे विष्णु भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।
मोक्षदा एकादशी की शुभकामनाएं

3- ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः
मोक्षदा एकादशी की शुभकामनाएं

4- ताल बजे, मुदंग बजे,
और बजे हरी की वीणा,
जय राम, जय राम,
जय श्री कृष्ण हरी.
मोक्षदा एकादशी की शुभकामनाएं

ऐसा माना जाता है कि मोक्षदा एकादशी के दिन ही गीता की उत्पत्ति हुई थी, जिसे श्रीमद्भागवत गीता कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था, इसलिए इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है. इस दिन गीता का पाठ करने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है और इस मास को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मास भी कहा जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 25, 2020 07:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

